प्लाट पर भूमाफिया का अवैध कब्जा पीड़ित ने एसएसपी और डीएम से लगाई न्याय की गुहार
पीड़ित ने थाना पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप
बदायूं। पूरा मामला हजरतपुर थाना क्षेत्र के गांव पिपला का है पिपला निवासी सुनील कुमार सिंह पुत्र सत्यपाल सिंह ने एक प्लाट थाना क्षेत्र के गांव लभारी में गौरी शंकर पुत्र खंदारी ग्राम कलक्टर नगला से दिनांक 03/04/2021 को खरीदा था जिसका रजिस्ट्रीसुदा बैनामा व प्लाट का दाखिल खारिज भी हो चुका है, 22 अगस्त को सुबह 7:00 बजे अनिल, सुनील, अबनीश व सतीश पुत्रगण चेतराम व चेतराम पुत्र लंकुश व सुखपाल पुत्र गोपाल व रामनिवास पुत्र बलबंत ग्राम कलेक्टर नगला थाना हजरतपुर पीड़ित के उक्त प्लाट पर जवरिया कब्जा करने की नियत से नीव भरने को खुदाई कर रहे थे तभी पीड़ित को सूचना मिली कि आपके प्लाट पर जवरिया कब्जा किया जा रहा है तो पीड़ित अपनी मोटरसाइकिल से मौके पर देखने को गया तो वहां पर चेतराम पुत्र लंकुश खड़े अपने चारों लड़कों से नीव की खुदाई करवा रहे थे, तभी सुनील कुमार ने कहा कि मेरे प्लाट पर क्यों नीव खोद रहे हो तो उक्त सात लोग सुनील को गंदी-गंदी गालियां देकर कहा कि मैनें हल्का लेखपाल दिनेश कुमार को 1,00,000/- रु देकर ली है। तभी सुनील ने हल्का लेखपाल दिनेश कुमार को कॉल की तो लेखपाल ने गाली देकर कहा साले उस प्लाट पर वो लोग मकान वनायेगे तभी अनिल सुनील को जान से मारने की नियत से नाजाइज राइफल लेकर दौड़ पड़ा, सुनील वहां से भाग खड़ा हुआ और किसी तरह जान बचाई भागने पर उक्त पांचों लोगो ने गाली देकर कहा साले ठक्कुटे भाग गया आज आइन्दा इधर कभी आया तो जान से मार देंगे और तेरी प्लाट पर जवरिया कब्जा करेगें तुझे जो कार्रवाई करनी है जा कर ले जहां सुनील ने दूर जाकर 112 पर कॉल की मौके पर पुलिस के साथ पहुंचा तो 112 पुलिस को देख कर मुल्जिमान फरार हो गए। पीड़ित ने थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए शनिवार को डीएम एसएसपी को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवाने का आदेश पारित करने व प्लाट से अवैध कब्जा हटवाने की मांग की है ।।
वहीं इस संबंध में हजरतपुर थानाध्यक्ष देवेन्द्र सिंह का कहना है कि लगाए गए सारे आरोप निराधार हैं पुलिस मामले की जांच कर रही है जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।


