बदायूं

उत्तर प्रदेश सत्याग्रह के 41वें किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला

उत्तर प्रदेश सत्याग्रह के 41वें किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीएम से मिला

 

बरेली/बदायूं। जांच समिति में किसान प्रतिनिधि शामिल करने एवं कार्यवाही विवरण साझा करने की मांग

हजारों पीड़ित किसानों का शांतिपूर्ण अटूट सत्याग्रह आज ठीक 41वें दिन भी जारी है। गांधी पार्क, चौकी चौराहा, बरेली पर डॉ. हरीश कुमार गंगवार के मजबूत नेतृत्व में किसान न्याय की मांग पर डटे हुए हैं।

आज एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, बरेली मंडल आयुक्त के अनुरोध पर किसानों का प्रतिनिधिमंडल डीएम अवनीश कुमार राय से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने 27 जनवरी को जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच समिति के संबंध में निम्नलिखित मुख्य मांगें रखीं:जांच समिति में किसान प्रतिनिधि को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहे।

समिति द्वारा अब तक की गई समस्त कार्यवाही का विस्तृत विवरण पीड़ित किसानों को उपलब्ध कराया जाए, जिसमें शामिल हैं। जिले के ग्राम बगरैन स्थित उत्तर प्रदेश बीज विकास निगम गोदाम से 1031 मीट्रिक टन (करीब 10,000+ क्विंटल) धान, गेहूं एवं बीज की कथित लूट/गड़बड़ी (अनुमानित मूल्य ₹4 करोड़) के मामले में न्याय की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य (डॉ. हरीश कुमार गंगवार के नेतृत्व में):

विपिन पटेल,रमेश चंद्र श्रीवास्तव,हरबंश पटेल,कुँवर रंजीत सिंह,हरीश सिंह,अवनीश पंडित उर्फ मम्मा,एवं अन्य पीड़ित किसान साथी,डॉ. हरीश कुमार गंगवार (सत्याग्रह संयोजक) ने कहा “यह मुलाकात किसानों की एकजुटता और लगातार संघर्ष की देन है। हमने जिलाधिकारी से स्पष्ट अपील की कि जांच पूरी तरह पारदर्शी हो और किसान प्रतिनिधि शामिल हों। हम शांतिपूर्ण तरीके से तब तक संघर्ष जारी रखेंगे जब तक पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता – FIR, SIT जांच, मुआवजा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई।”

बरेली के भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष विपिन पटेल ने कहा“किसान सत्याग्रह आंदोलन समिति सभी जनप्रतिनिधियों, मीडिया, प्रशासन एवं आम जनता से अपील करती है कि इस बड़े अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद करें। हमारी मेहनत, हमारा विश्वास, हमारा हक –अब लौटकर रहेगा”भारतीय किसान यूनियन के कोषाध्यक्ष हरबंश पटेल ने कहा

“हमारे जैसे छोटे-सीमांत किसानों की सालों की कमाई इस लूट में डूब गई है। जांच में किसान प्रतिनिधि शामिल न होने से विश्वास टूट रहा है। हम मांग करते हैं कि समिति की हर प्रगति हमें बताई जाए, ताकि न्याय की प्रक्रिया में कोई छिपाव न रहे। हम डटे रहेंगे न्याय मिलकर रहेगा।

भारतीय किसान यूनियन के नगर अध्यक्ष अवनीश पंडित जी उर्फ मम्मा ने कहा

“यह अन्याय सिर्फ पैसे का नहीं, बल्कि किसानों के सम्मान और विश्वास का है। जिलाधिकारी ने हमारी बात सुनी, अब उम्मीद है कि जांच पारदर्शी होगी। हमारी एकजुटता से ही यह लड़ाई जीती जाएगी धरती पुत्र झुकेंगे नहीं।

हरीश सिंह ने कहा“हमने अपनी आँखों से देखा है कि कैसे गोदाम में रखी हमारी फसल चोरी हो गई। प्रशासन की देरी और जांच की धीमी गति से हमारा धैर्य टूट रहा है। जिलाधिकारी से मिलकर हमने मांग की है कि जांच में हमारी आवाज शामिल हो और हर कदम का हिसाब हमें दिया जाए। हमारा हक छीना गया है, लेकिन हमारा हौसला नहीं टूटेगा न्याय के लिए हम अंत तक लड़ेंगे!”

किसान सत्याग्रह आंदोलन समिति सभी से अपील करती है कि इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं। हमारी मेहनत, हमारा हक लौटकर रहेगा जय जवान! जय किसान!धरती पुत्र एकजुट हैं।

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