अन्धविश्वास का त्याग करो,अंगदान का प्रयास करो,

सात दिवसीय विशेष शिविर के पंचम दिवस स्वयंसेविकाओं ने निर्बल वर्ग सहायता, अंग दान रक्त दान, एड्स जनजागरूकता अभियान चलाया दिया संदेश अन्धविश्वास का त्याग करों,
अंगदान का प्रयास करों,अंगदान दुनिया में लाएगी क्रान्ति,
किसी जरूरतमंद के घर आएगी सुख-शांति।
स्वयंसेविकाओं ने नेत्रदान और अंगदान, रक्त दान संबंधी आकर्षक स्लोगन लिखकर अनमोल जीवन बचाने का संदेश दिया।
बदायूँ:आज दिनाँक-13:03:2021 को गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम व द्वितीय इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिवस प्रथम सत्र में स्वयंसेविकाओं ने कार्यक्रम अधिकारी असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती व डॉ इति अधिकारी के निर्देशन नेतृत्व में अभिग्रहित मलिन बस्ती बजरंग नगर एवं नगला सैयद गंज में जन जागरूकता अभियान चलाया।बस्ती के गरीब एवं निर्बल लोगों को फल एवं मिठाई बांटी साथ ही लोगों को रक्तदान अंगदान के प्रति जागरूक किया। आजादी की 75 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष में आयोजित हो रहे अमृत महोत्सव के विषय में भी चर्चा की और उन्हें बताया कि आज ही के दिन13 मार्च1940 को शहीद उधम सिंह ने जलिया वाले बाग के आरोपी डायर की हत्या की थी। उन्हें याद कर उन आजादी के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। गाँधी ग्रामोद्योग आश्रम का भ्रमण कराया। द्वितीय बौद्धिक सत्र में शिविर का शुभारंभ प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल के मुख्य आतिथ्य में माँ शारदे के समक्ष द्वीप प्रज्वलित कर किया गया। डॉ० गार्गी बुलबुल (मुख्य अतिथि) ने कहा कि जागरूकता की कमी और समाज में व्याप्त भ्रांतियों के कारण हम मौत के बाद अंगदान और नेत्रदान से कतराते हैं, जबकि दान करने में सभी का फायदा है। मुख्य वक्ता डॉ० शिल्पी तोमर, डॉ० वन्दना मिश्रा डॉ०सालू वर्मा ने बताया कि आओ जाने क्या है अंगदान, यह है जीवन का महादान, क्या आपको पता है अंगदान,जरूरतमंद के लिए है वरदान। कार्यक्रम अधिकारी सरला चक्रवर्ती ने विस्तार पूर्वक रक्त दान एवं अंग दान के महत्व को समझाया कहा एक व्यक्ति अपने जीते जी लिवर का हिस्सा, एक किडनी, बोन मैरो का दान कर सकता है। किसी रोगी को ब्रेन डेड घोषित करने के बाद डॉक्टर्स का पैनल पीड़ित परिवार को मृतक के अंगों को डोनेट करने के लिए रिक्वेस्ट करता है, ताकि वे अंग जरूरतमंद लोगों में प्रत्यारोपित किए जा सकें। हार्ट, लिवर, किडनी, नेत्र आदि अंगों को दूसरे के शरीर मे प्रत्यारोपित कर उनके जीवन को रोशन किया जाता है। प्राचार्या जी ने आकर्षक स्लोगन लिखने वाली सभी छात्राओं की तारीफ की। इस अवसर पर अंजली, सुषमा, अंजली शर्मा, प्रिया, राजकुमारी, स्नेहा, निर्देश, उजमा, निशा, इरम बी,प्रीति, अनुष्का, दीक्षा, रीना, पलक, पल्लवी,रितिका, आदि की सक्रिय सहभागिता की। मंच संचालन स्वयंसेविका पलक वर्मा, लवली शर्मा ने संयुक्त रूप से किया। बच्चों द्वारा चलाए गए अंगदान व रक्तदान अभियान की सराहना की शिविर में 50 बच्चों ने रक्त दान के लिए रजिस्ट्रेशन कराया और अंग दान के लिए भी इच्छा जाहिर की। संस्कृतिक कार्यक्रमो की तैयारी की।अन्त में सभी का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम अधिकारियों ने शिविर के समापन की घोषणा की है

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