कहीं होता है कन्या पूजन, तो कहीं मानते हैं अभिशाप:चाइल्डलाइन


चाइल्डलाइन बदायूं के द्वारा मिशन शक्ति के अंतर्गत यात्रा के दौरान बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा पर किया जागरूक

बदायूँ:चाइल्डलाइन के द्वारा आज दिनांक 10/03/2021 को नरऊ में बच्चों व महिलाओं के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया इस दौरान चाइल्डलाइन बदायूं की काउंसलर रचना सिंह के द्वारा बताया गया कि हम अनेकों अवसरों पर कन्या का पूजन करते हैं लेकिन जब खुद के घर बालिका जन्म लेती है तो मातम का माहौल बना लेते हैं। यह हालात भारत के हर हिस्से में हैं। हरियाणा और राजस्थान के हालात तो इतने खराब हैं कि यहां बच्चियों को अभिशाप तक माना जाता है। कन्याओं को अभिशाप मानने वाले यह भूल जाते हैं कि वह उस देश के वासी हैं जहां देवी दुर्गा को कन्या रूप में पूजने की प्रथा है। जो लोग कन्याओं को बोझ मानते हैं उन्हें ही सही मार्ग बताने और कन्या-शक्ति को जनता के सामने लाने के लिए हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका व 8 मार्च महिला दिवस मनाया जाता है।
टीम सदस्य गौरव प्रताप के द्वारा उपस्थित सभी लोगों को बताया गया कि देश में प्रतिवर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाने की शुरुआत 2009 से की गई सरकार ने इसके लिए 24 जनवरी का दिन चुना क्योंकि यही वह दिन था जब 1966 में इंदिरा गांधी ने भारत की प्रथम महिला प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ ली थी इस अवसर पर सरकार की ओर से कई कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और समाज में बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरुक बनाने के लिए अनेकों आयोजन भी होते हैं। टीम सदस्य रहिबा खान के द्वारा जच्चा बच्चा एवम् यात्रा के दौरान सुरक्षा के बारे में विस्तार से बताकर चाइल्डलाइन 1098 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री सुषमा जी व अजय कुमारी जी तथा आशा रिंकी जी व रामबती जी एवं चाइल्ड लाइन सदस्य दुर्वेश शर्मा, रहिबा खान उपस्थित रहे।

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