गरीबों व्यक्यिों के हितार्थ संचालित की जा रहीं हैं योजनाएं


बदायूँ: 03 सितम्बर। मिथिलेश कुमार, उपाध्यक्ष, उ0प्र0 अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग, लखनऊ द्वारा शुक्रवार को नलकूप खण्ड प्रथम के अतिथि गृह में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की गयी। बैठक में राम जनम जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं संतोष कुमार, सहायक प्रबन्धक अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम  उपस्थित रहे।
पं0 दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजनान्तर्गत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति के व्यक्तियों हेतु स्वरोजगार स्थापित करने हेतु वित्तीय वर्ष 2021-22 में 125 लाभार्थियों को लाभान्वित कराया गया है,शेष 880 पत्रावलियां बैकों में प्रेषित की गयीं हैं,जिन पर जाॅचोपरान्त पात्र पाये जाने वाले व्यक्तियों को स्वरोजगार हेतु लोन स्वीकृत कराया जायेगा। नगरीय क्षेत्र दुकान निर्माण योजनान्तर्गत प्राप्त लक्ष्य 15 दुकाने के सापेक्ष 15 लाभार्थियों का चयन कर शत-प्रतिशत प्रगति अर्जित की गयी है।बैंकिग करोस्पेंडिंग योजनान्तर्गत अनुसूचित जाति के गरीब व्यक्तियों को स्वरोजगार हेतु रु0 1.00 लाख (एक लाख मात्र) की लागत से परियोजना स्थापित करने हेतु 05 लाभार्थियों का चयन कर परियोजना स्थापित कराने की कार्यवाही की जा रही है। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में अनूसूचित जाति बाहुल्य कुल 20 ग्रामों का चयन भारत सरकार द्वारा किया गया है,जिनमें गैप फिल्ंिाग एक्टिविटी के माध्यम से अवसंरचान्तमक कार्य ग्राम अभिसरण समिति की संस्तुति के आधार पर किये जायेंगे। जनपद बदायूँ में चयनित समस्त 20 ग्रामों में ग्राम विकास योजना के आधार पर विकास कार्य नामित कार्यदायी संस्था यू0पी0सिडको के माध्यम से कराये जा रहे हैं। अत्याचारों से उत्पीड़ित अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जाति के व्यक्तियों को आर्थिक सहायता योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में अब तक प्राप्त 22 मामलों में रु0 42.50 लाख की धनराशि व्यय कर अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी गयी है। अनुसूचित जाति/जनजाति छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 में छात्र/छात्राओं द्वारा छात्रवृत्ति आवेदन किये जा रहे हैं। अग्रेतर कार्यवाही समय सारणी के अनुसार की जायेगी।
  उपाध्यक्ष द्वारा निर्देश दिये गये कि समाज कल्याण विभाग द्वारा जो योजनायें अनुसूचित जाति/जनजाति के गरीबों व्यक्यिों के हितार्थ संचालित की जा रहीं हैं, वह शासन की प्राथमिकतापरक योजनायें हैं तथा सरकार की अपेक्षा है कि  प्रत्येक गरीब व्यक्ति को योजना की पात्रता के अनुसार शासकीय योजनाओं का लाभ समयबद्व ढंग मिलना चाहिए। पात्र वयक्ति किसी भी दशा में लाभ पाने से वंचित न रहंे।  

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