सीएमएस के आदेश पर अब तक हुँ पद पर तैनात रिटायर्ड बाबू कैमरे के सामने चुप्पी साध गयी सीएमएस रेखा रानी

बदायूं के जिला महिला अस्पताल के चर्चित रिटायर्ड बाबू अशरफ का मामला

बदायूं। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को पलीता लगाने के लिए जिला महिला अस्पताल के एक रिटायर्ड बाबू ने सेवानिवृत्त होने के बाद भी सरकारी योजनाओं को पलीता लगाने के साथ ही करोड़ों रूपये का घोटाला कर डाला है। जिला महिला अस्पताल के एक कर्मचारी ने रिटायर्ड बाबू का विरोध किया तो सीएमएस और रिटायर्ड बाबू ने रातों-रात उसका तबादला करा दिया। तबादला होने के बाद कर्मचारी ने विरोध किया तो मीडिया के सामने रिटायर्ड बाबू ने स्वीकार किया है कि वह 11 महीनों से मै सीएमएस के आदेश पर आज भी स्टोर कीपर के पद पर कार्यरत हूं, जबकि रिटायर्ड स्टोर कीपर 31 दिसंबर 2०2० को सेवानिवृत्त हो चुका है।
मामला जिला महिला अस्पताल बदायूं का है, जहां पूर्व से तैनात स्टोर कीपर मोहम्मद अशरफ ने भाजपा सरकार आते ही शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं को पलीता लगाते हुए करोड़ों रूपये का घोटाला किया था, जिसकी उच्च स्तरीय टीमें जांच कर रही है। गौरतलब हो कि स्टोर कीपर मोहम्मद अशरफ 31 दिसंबर 2०2० को सेवानिवृत्त हो चुका है, उसके बाद भी अपनी काली करतूतों को दबाने के लिए अब तक स्टोर कीपर के पद पर कार्य करते हुए जिला महिला अस्पताल के वित्तीय लेखा-जोखा का काम संभाले हुए है, जब अस्पताल में ही तैनात एक कर्मचारी ने रिटायर्ड बाबू का विरोध किया तो उसका रातो-रात तबादला करा दिया गया। तबादला होने के बाद उक्त कर्मचारी ने सीएमओ को शिकायत करते हुए रिटायर्ड बाबू की काली करतूतो से अवगत कराया तो सीएमओ भी दंग रहे गये।
मामला जब मीडिया के सामने आया तो मीडिया ने रिटायर्ड स्टोर कीपर मोहम्मद अशरफ से बात की तो उसने स्वीकर किया है कि वह 31 दिसंबर से आज तक सीएमएस रेखा रानी के आदेश पर कार्य कर रहा है, जबकि शासनादेश है कि किसी भी कर्मचारी को सेवानिवृत्त होने के बाद से तत्काल उसे उसे कार्यमुक्त कर देना चाहिए और यहां रिटायर्ड स्टोर कीपर 11 माह से आज तक पूरे जिला महिला अस्पताल का वित्तीय कार्य देख रहा है, जिसमे अनुमान लगाया जा रहा है कि जिस कर्मचारी ने अपनी तैनाती के दौरान ही करोड़ों रूपये का घोटाला किया है, उसने रिटायर्ड होने के बाद और न जाने कितने काले कारनामे किये होगें।
आज स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी ने सीएमओ को लिखित में शिकायत की सीएमओ दंग रह गये, जिसके बाद सीएमओ ने टीम गठित करते हुए जांच बैठा दी है। इस संबध में जब सीएमएस रेखा रानी से बात करना चाही तो सीएमएस रेखा रानी कैमरा के सामने चुप्पी साध गयी और बोली अगर वह कार्य कर रहे है तो आ लोगों को क्या समस्या है मै यहां की सीएमएस हूं मै जो करूंगी वह होगा
शासनादेश के विपरीत सीएमएस ने कर दी नियुक्ति

बदायूं। जिला महिला अस्पताल वैसे तो हमेशा से ही विवादों में घिरा रहा है, लेकिन एक से बढक़र एक मामला सामने आ रहा है। यहां की सीएमएस रेखा रानी ने बार्ड आया संतोष शर्मा के पुत्र अचल शर्मा की नियुक्ति कर दी जो शासनादेश के विपरीत है, जबकि शासनादेश है कि किसी भी व्यक्ति के माता-पिता दोनों सरकारी सेवायें दे रहे हो उसमे किसी एक की मृत्यु होने के पश्चात मृतक आश्रित का लाभ नही मिलेगा, जबकि अचल शर्मा की माता स्व. संतोष शर्मा जिला महिला अस्पताल में वार्ड आया के पद पर कार्यरत थी और पिता सूरज शर्मा पीडब्लूडी में रोलर चालक के पद पर कार्यरत थे, ऐसे में माता संतोष शर्मा की मृत्यु होने के पश्चात मृतक आश्रित का लाभ उसके बेटे अचल शर्मा को नही मिलना चाहिए, लेकिन सीएमएस रेखा रानी ने शासनादेश के विपरीत आर्थिक सांठ-गांठ कर नियुक्त कर दी तो अवैध है।

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