यज्ञ स्नान और दान करता है कल्याण ।

बिल्सी, तहसील क्षेत्र के ग्राम गुधनी तीर्थ में स्थित आर्य समाज मंदिर में पूर्णिमा के पावन अवसर पर विशेष पाक्षिक यज्ञ किया गया यज्ञ में प्रायश्चित आहुति के साथ राष्ट्र रक्षा, विश्व शांति व सर्वकल्याण की कामना के साथ आहुतियां दी गई। इस अवसर पर ख्यातिलब्ध वैदिक विद्वान आचार्य संजीव रूप ने यज्ञ की महिमा का वर्णन करते हुए कहा जहां पर यज्ञ होता है वहां समस्त देवताओं की उपस्थिति होती है! अग्नि देव ही सब देवों के मुख्य हैं! अग्नि देवता को सकल उत्तम सामग्री का भोग लगाकर हम समस्त देवों को प्रसन्न कर लेते हैं। 33 कोटि देव जो हमारे जीवन के लिए मूल आधार है वे सब हमारे अनुकूल होते हैं। उन्होंने कहा कि गंगा स्नान तब निश्चित ही मुक्ति का साधन बनता है जब तन के साथ-साथ मन, बुद्धि और आत्मा का भी स्नान किया जाए । इस अवसर पर बिल्सी में दुर्घटना में दिवंगत हुए युवकों को भी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर मास्टर साहब सिंह, श्रीमती प्रज्ञा आर्य , श्रीमती सूरजवती देवी, भावना रानी, मोना आर्य ,राकेश आर्य , प्रश्रयआर्य, अनिल कुमार उपाध्याय विशेष कुमार आर्य आदि मौजूद रहे

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