नहीं थम रहा महिला अस्पताल से मरीज को निजी अस्पताल में ले जाने गोरखधंधा

बदायूँ। जिला महिला अस्पताल से मरीज निजी नर्सिंग होम ले जाने का खेल फिर शुरू हो गया है। शुक्रवार रात को बिल्सी से एक गर्भवती को जिला महिला अस्पताल रेफर किया गया। उस महिला के साथ आशा और महिला अस्पताल के स्टाफ में उसको अपनी पहचान के निजी निजी नर्सिग होम में भेजने को लेकर पहले नोकझोंक हुई। फिर दोनों पक्षों में मारपीट हुई।
जानकारी के मुताबिक बिल्सी क्षेत्र से एक आशा कार्यकर्ता एक गर्भवती महिला को लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंची। सुना जाता है कि वहां आशा कार्यकर्ता ने गर्भवती महिला के स्वजन से कहा कि जिला महिला अस्पताल में व्यवस्थाएं ठीक नहीं हैं इसलिए प्राइवेट नर्सिंग होम ले चल रहे हैं। इसी बीच जिला महिला अस्पताल में तैनात एक महिला कर्मी ने कहा कि अलापुर रोड पर एक नर्सिंग होम है वहां ले जाओ। वह फोन करके बता देगी कि उनका मरीज है। पैसे भी कम जाएंगे। इस बात पर आशा कार्यकर्ता और स्टाफ में कहासुनी के बाद मारपीट होने लगी यह देखकर गर्भवती के तीमारदारों में अफरा तफरी का माहौल हो गया जिसे देख कर कुछ लोगों ने यूपी पुलिस 112 को फोन कर दिया लेकिन जब तक पुलिस आती तब तक दोनों पक्ष वहां से चले गये।
सुना जाता है कि यहां जिला महिला अस्पताल में आए दिन ऐसे विवाद सामने आते ही रहते हैं। फिलहाल इस मामले की कोई शिकायत पुलिस तक नहीं पहुंची है।
जबकि बीते दिनों खेड़ा नवादा में बिसौली रोड स्थित आयशा नर्सिंग होम में गिफ्ट वितरण में आशा वर्कर मौजूद थीं। इसकी सूचना पर तत्कालीन डीएम कुमार प्रशांत ने नर्सिंग होम पर छापा पड़वाया। छापेमारी में 34 आशा वर्कर वहां गिफ्ट के साथ पकड़ी गई। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया तो सभी को बर्खास्त भी किया गया था।

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