ओबीसी की जातिगत जनगणना की मांग को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा का तीसरे चरण का आंदोलन

चौथे चरण में
25 नबम्बर को होगा जेल भरो आंदोलन

ओबीसी की गिनती शीघ्र नही हुई तो किया जाएगा पूरा भारत बंद

10 दिसम्बर को होगा भारत बंद

बदायूँ:-बिल्सी शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा धरना दिया गया। कई मांगो को लेकर सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया कहा कि केंद्र की सरकार द्वारा अभी कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर यह बात निश्चित कर दी गई कि केंद्र सरकार ओबीसी की जाति आधारित जनगणना अभी नहीं कराएगी जैसा कि आपको अवगत है कि आजाद भारत में ओबीसी की जाति आधारित जनगणना एक बार फिर भी नहीं कराई गई जिसका दुष्परिणाम यह हुआ कि पिछड़े वर्ग के सही आंकड़े नहीं आए जिससे ओबीसी के विकास की योजना एवं शासन प्रशासन में उनको पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की नीतियां समुचित तरीके से नहीं बन पाए और पिछड़ा वर्ग आजादी के 74 वर्षों में अभी अधिकार वंचित रह गया है।इसलिए पिछड़े वर्ग की जाति आधारित जनगणना होना अति आवश्यक है अगर शीघ्र जनगणना करने को लेकर नियम पारित नही किया गया तो संगठन जेल भरो आंदोलन करने को बाध्य होगा,फिर भी गिनती नही कराई गई तो हम पिछड़े वर्ग के लोग भारत बंद करेंगे। इसी प्रकार से केंद्र सरकार द्वारा तीन कृषि कानून लाए गए जो कि यह किसानों के विरोध में है इससे किसान पूरी तरह पूंजी पतियों के अधीन हो जाएगा हम खाद्यान्न ,दलहन ,तिलहन किसान मजदूर एवं तमाम गरीब तबके के लोग भुखमरी के कगार पर पहुंच सकते हैं इसलिए मांग है कि तीन कृषि काले कानून वापस के लिए जाएं। रामराज पटेल प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 8 अक्टूबर 2013 को यह निर्णय लिया गया कि केवल ईवीएम मशीन से स्वतंत्र निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव नहीं हो सकता है इसलिए ईवीएम के साथ में पेपर ट्रेल मशीन लगाया जाए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में विधानसभा व लोकसभा के चुनाव में ईवीएम के घोटाले को रोकने के लिए पेपरट्रेल मशीन लगाई जा रही है लेकिन जब तक पेपरट्रेल से निकलने वाली परियों का 100% मिलान नहीं कराया जाता तब तक स्वतंत्र निष्पक्ष एवं पारदर्शी चुनाव करना संभव नहीं है और मांग कि देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए पेपरट्रेल से निकलने वाली परियों का मिलान कराया जाए या फिर वैलेट पेपर से चुनाव कराया जाए। साथ मे मांग की समस्त सरकारी कर्मचारी अधिकारियों का वर्ष अप्रैल 2004 से बंद पुरानी पेंशन बहाल किया जाए, निजी करण समाप्त किया जाए,निजी करण समाप्त न होने तक सभी निजी क्षेत्रों में 100% संवैधानिक आरक्षण दिया जाए।
असम में एनआरसी के कारण 19 लाख लोग नागरिकता से वंचित हुए जिसमें 14 लाख अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के लोग थे कुल 5 लाख मुसलमान थे ।कहा कि दस्तावेजों के अभाव में एक बड़ी आबादी नागरिकता के अधिकार से वंचित हो जाएगी इसलिए हम सीएए एनपीआर एनआरसी के विरोध में हैं यदि एनआरसी लागू ही करना है तो डीएनए के आधार पर एनआरसी लागू किया जाए। किशोर कुमार पाल एडवोकेट तहसील संयोजक राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ,रितेश भारतीय जिला अध्यक्ष भारतीय विद्यार्थी मोर्चा ,अभीचंद जिला उपाध्यक्ष ,सुरजीत, अर्जुन,धीरे, सोमबीर,विपिन पटेल,राजेन्द्र सिंह नेता जी आदि लोग उपस्थित रहे।

उपरोक्त मांगों को लेकर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने पांच चरणों में आंदोलन घोषित किया है जिसके तीसरे चरण के अंतर्गत हाजिर है 31 राज्यों में 550 जनों के 5000 तहसील मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है साथ ही प्रणाम महामहिम राष्ट्रपति को मांग पत्र प्रेषित किया जा रहा है
मांगे पूरी ना होने पर आगे के चरणों में आंदोलन किया जाएगा जो निम्नलिखित है:-
चौथा चरण पूरे भारत के 31 राज्यों के 550 जिलों के 5 तहसीलों में रैली प्रदर्शन एवं जेल भरो आंदोलन किया जाएगा तथा 10 दिसंबर 2021 को संपूर्ण पूरा भारत बंद किया जाएगा।

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