नीच व्यक्ति के साथ नीचता पर उतर आना उचित नही निर्मल मन से प्रभु की प्राप्ति है संभव

बदायूँ। आदर्श नगर में चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पाँचवे दिन बेला में महालक्ष्मी यज्ञ आचार्य सुरेंद्र कुमार भारद्वाज नरवर वालो के कुशल निर्देशन में संपन्न हुआ। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में पवन सक्सेना एवं उनकी पत्नी मौजूद रहे।
वृंदावन धाम से पधारे कथा प्रवक्ता आचार्य कथा व्यास राजीव कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि मन ही सारे पापों की खान है और जब मनुष्य के मन का चक्कर खत्म हो जाता है तब उसकी 84 लाख योनियों का चक्कर भी खत्म हो जाता है। यदि मनुष्य अपनी कमी को अनदेखा न करें तो वह कभी दुःखी नहीं होगा।
उन्होंने कहा नीच व्यक्ति के साथ नीचता पर उतर आना उचित नही होता निर्मल मन से ही प्रभु की प्राप्ति संभव है।
कथा में गोवर्धन भगवान को छप्पन भोग लगाए गए एवं समस्त भक्त जनों को प्रसाद वितरण कर कथा का समापन हुआ।
इस मौके पर आचार्य ब्रह्मदत्त वशिष्ठ, कमलकांत वशिष्ठ, आदेश तिवारी, कमलेश गुप्ता, शशांक गुप्ता, उत्कर्ष गुप्ता, कामेश दत्त पाठक, आयुष भारद्वाज, देव, दिनेश शर्मा, अमित शर्मा आदि धर्म प्रेमी मौजूद रहे।

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