पुत्र के शव को बुद्ध के चरणों में रख दिया और……


बदायूं । ग्राम रिसौली में चल रही बौद्ध कथा में कथावाचक अवनेश बौद्धाचार्य ने बुद्ध के एक प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए बताया कि एक महिला किसान गौतमी के पुत्र को बाग में खेलते समय सांप ने डस लिया था। वह शोकाकुल में पुत्र के मृत शरीर को लेकर भटक रही थी तब किसी ने कहा कि इस बच्चे को लेकर बुद्ध के पास ले जाओ, बुद्ध तुम्हारे पुत्र को जीवित कर देंगे। उसने अपने पुत्र के शव को बुद्ध के चरणों में रख दिया और जीवित करने की प्रार्थना करने लगी। तब बुद्ध ने कहा कि तुम ऐसे किसी घर से एक मुट्ठी सरसों ले आओ, जिसके यहां कभी कोई मरा ना हो मैं तुम्हारे पुत्र को जीवित कर दूंगा।
वह महिला दिन भर नगर में भटकती रही लेकिन उसे ऐसा कोई घर नहीं मिला जहां कोई मरा ना हो। निराश, बुद्ध के पास लौट आई ।
तब बुद्ध ने उपदेश दिया कि मृत्यु के दुःख से सारा संसार पीड़ित है। इस संसार में दुख ही दुख है इसलिए मानव को दुख दूर करने के लिए अष्टांगिक मार्ग का अनुसरण करते हुए, पंचशील का पालन करना चाहिए और मानवीय जीवन में मध्यम मार्ग अपनाना चाहिए। इस मौके पर संघमित्रा चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रदेश अध्यक्ष डॉ मुकेश चंद्र मौर्य ने पहुंचकर कमेटी को भगवान बुद्ध का चित्र देकर सम्मानित किया इस मौके पर डॉ बी पी मौर्या, हरपाल मेंबर नगर मंत्री भाजपा बिल्सी, यादराम शाक्य, सूरजपाल शाक्य, ओमकार शाक्य, घमंडी सिंह, विनोद एडवोकेट अरविंद, जितेंद्र, लक्ष्मण प्रसाद शाक्य, जितेंद्र पाल, नेत्रपाल, संजीव, नेत्रपाल मोदी, पुष्पेंद्र शाक्य, हरवीर सिंह शाक्य आदि मौजूद रहे।

Leave a Reply

%d bloggers like this: