महिलाओं के लिए शासन से संचालित हैं अनेकों रोजगारपरक योजनाएं


बदायूँ: 26 अगस्त। राजकीय महिला महाविद्यालय बदायूं में महिला समानता दिवस के अवसर पर महिलाओं में उद्यमिता का विकास विषय पर एक विचार गोष्ठी एवं परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ0 स्मिता जैन ने की।
मुख्य वक्ता के रूप में महाविद्यालय के वाणिज्य  विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ मनोज कुमार ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा शासन द्वारा महिलाओं के लिए अनेकों रोजगार परक योजनाएं चलाई जा रही हैं। एक जिला एक उत्पाद योजना सर्वाधिक प्रभावशाली योजना है, जिसमें स्वयं समूह के रूप में महिलाएं विभिन्न प्रकार के व्यवसाय जैसे अचार ,पापड़ बनाना, कालीन बनाना, विभिन्न प्रकार की हस्तशिल्प कलाओं को बनाना, सिलाई ,कढ़ाई ,जरी जरदोजी का कार्य आदि कर रही है जिससे अनेकों महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है तथा वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो रहे हैं जिससे उनका परिवार सशक्त हो रहा है तथा शिक्षा का स्तर भी बढ़ रहा है। महिला सशक्तिकरण अभियान का यह तीसरा चरण विशेष रुप से महिलाओं को आत्मनिर्भर शिक्षित एवं सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। जिसमें उच्च शिक्षा के क्षेत्र में छात्राओं एवं विशेष रूप से शिक्षकों का यह मूल कर्तव्य बनता है कि वह प्रत्येक छात्रा को शिक्षित करने के साथ-साथ वोकेशनल एजुकेशन देते हुए व्यवसाय से जोड़ने का प्रयास करें जिससे जब छात्रा अपना पाठ्यक्रम पूरा करके बाहर निकले तो वह आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर हो अपना अपने परिवार का और अपने देश का आर्थिक विकास करने में सक्षम हो यदि हमारी युवा पीढ़ी छोटे-छोटे रोजगारपरक प्रशिक्षण प्राप्त करके अपना रोजगार प्रारंभ करेगी तो वह अपने साथ साथ कम से कम 5 से 10 लोगों को रोजगार देने में सक्षम होगी और वह दिन दूर नहीं होगा जिस दिन हमारा देश अन्य देशों की अपेक्षा कहीं अधिक आर्थिक रूप से सशक्त होगा तथा अपने देश में बने उत्पादों को दुनिया के कोने कोने तक पहुंचाने में सक्षम होंगे। कम लागत में अच्छी क्वालिटी के उत्पाद बनने प्रारंभ होंगे विभिन्न क्षेत्रों में नए अवसर खुलेंगे जिसमें महिलाएं एवं पुरुष कंधे से कंधा मिलाकर काम करें आने वाली पीढ़ियों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं शिक्षित वातावरण देने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ राजधन द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकों डॉ संजीव, बृजेश कुमार,  ऋषभ भारद्वाज ,डॉ भावना सिंह ने प्रतिभागिता करते हुए अपने विचार रखे। राजकीय महिला महाविद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ स्मिता जैन भी मौजूद रहीं। महाविद्यालय की छात्राओं सेजल गांधी, जोया, कामिनी ,मोहिनी, स्वाति मौर्य नेहा आलम आदि द्वारा उद्यमिता के विभिन्न अवसरों के बारे मे अपने विचार रखे गए। कार्यक्रम में महाविद्यालय के  सदस्य सीताराम प्रजापति, रोहित कुमार, कु.अफसाना खातून, प्रेम राज एवं सचिन कुमार का विशेष सहयोग रहा।

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