खेती के साथ पशु एवं मत्स्य पालन भी करें किसान


बदायूँः 04 सितम्बर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजनान्तर्गत ग्राम पंचायत गरूईया विकास खण्ड-वजीरगंज में आयोजित हुए धान के 100 हेक्टेयर कलस्टर प्रदर्शन का निरीक्षण निशा अनंत, मुख्य विकास अधिकारी द्वारा किया गया जिसमें निशा अनंत, मुख्य विकास अधिकारी, बदायूँ, डॉ रामवीर कटारा उप कृषि निदेशक बदायूँ तथा दुर्गेश कुमार सिंह, जिला कृषि अधिकारी, के0वी0के0 वैज्ञानिक व कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। कलस्टर प्रदर्शन का निरीक्षण करते हुए  निशा अनंत द्वारा कृषक महावीर सिंह पुत्र निर्मल सिंह ग्राम-गरूईया के 2 हैक्टेयर प्लॉट का निरीक्षण करते हुए कृषक से कलस्टर के बारे में अनुदानित बीज एवं कृषि निवेशों के बारे में पूछा गया जिसपर कृषक द्वारा बताया गया कि उसे हरी खाद हेतु ढैंचा बीज एवं धान बीज पर 90 प्रतिशत अनुदान पर एवं अन्य कृषि निवेश जैसे कि प्रेटिला क्लोर, नॉमिनी गोल्ड, माइक्रोन्यूट्रियेन्ट्स तथा नमी सूचक यंत्र 100 प्रतिशत अनुदान पर कृषि विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ निशा अनंत द्वारा कृषक दिनेश कुमार के ढैंचा खेत का भी अवलोकन किया गया। दिनेश कुमार द्वारा बताया गया कि उसने राजकीय कृषि बीज भण्डार से ढैंचा बीज अनुदान पर प्राप्त कर अपने खेत में लगाया है।
निरीक्षण उपरान्त कलस्टर प्रदर्शन में आयोजित होने वाले फील्ड-डे (किसान गोष्ठी) का भी आयोजन मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में किया गया, डॉ0 रामवीर कटारा उप कृषि निदेशक, बदायूँ द्वारा किसानों को जागरूक करते हुए बताया गया कि भूमि में कैसे बिना किसी रसायन का प्रयोग करते हुए नाइट्रोजन की कमी को दूर किया जा सकता है इसके लिए किसान भाई राजकीय कृषि बीज भण्डारों से फसल की बुबाई से पूर्व हरी खाद हेतु ढैंचा बीज 50प्रतिशत अनुदान पर प्राप्त कर अपने खेतों में उसकी बुबाई कर सकते है। जिससे उनकी फसल में यूरिया की कम खपत होगी तथा किसानों की आय में वृद्धि होगी। मुख्य विकास अधिकारी निशा अनंत द्वारा कृषकों को बताया गया कि वह खेती के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन आदि को भी साथ लेकर चलें जिससे उनकी आय में वृद्धि हो सके तथा उनके द्वारा किसानो को जैविक विधि से खेती करने हेतु भी प्रेरित करते हुए बताया गया कि सामान्य उत्पाद की अपेक्षा जैविक उत्पाद बाजार में अधिक कीमत में बिकते हैं, जिससे किसान भाई अधिक मुनाफा कमा सकते है। गोष्ठी में उपस्थित कृषकों को कृषि वैज्ञानिक एवं कृषि विभाग के अन्य पदाधिकारियों द्वारा फसल की बुबाई से लेकर कटाई/भण्डारण तक की विधियों के संबंध में भी जानकारी दी गयी तथा कृषक गोष्ठी के  अन्त में मुख्य विकास अधिकारी उप कृषि निदेशक एवं जिला कृषि अधिकारी द्वारा कलस्टर प्रदर्शन में चयनित कृषकों को नमी सूचक यंत्र भी वितरित किए गए।  

Leave a Reply

%d bloggers like this: