धम्मदेशना कार्यक्रम का हुआ आयोजन, आओ बुद्ध की ओर चलें

बदायूँ:बिसौली – भगवान बुद्ध और बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के विचारों को फैलाने के लिए नगर में धम्म देशना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान भंते डॉ. चंद्रकीर्ति प्रमुख रूप से शामिल रहे। बौद्ध भिक्षुओं ने उपस्थितजनों को धम्म के बारे में जानकारी दी।
रविवार को नगर बिसौली स्थित पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में धम्म देशना कार्यक्रम रखा गया। क्रायक्रम में पहुंचे भंते डॉ चंद्रकीर्ति का सैकड़ों उपासकों ने गुलाब के पुष्प देकर स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत भंते चंद्रकीर्ति कन्वीवर तथागत बुद्ध चेयर सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ ने तथागत गौतम बुद्ध और बाबा साहब के स्मृति चित्र पर पुष्प अर्पित कर की। भंते चंद्रकीर्ति ने कहा बुद्ध का सिद्धांत सम्यक मार्ग का है अहिंसा भगवान बुद्ध की शिक्षाओं की एक प्रमुख विशेषता थी, प्रेम की भावना अच्छे कार्यों से अधिक महत्वपूर्ण होती है। पंचशील अपना कर सारे दुख दूर हो जाते हैं बुद्ध का मार्ग जीवन जीने की राह बताता है। डॉ क्रान्ति कुमार ने बताया भगवान बुद्ध की कीर्ति किसी एक युग तक सीमित नहीं है और धम्म क्रांति और भगवान बुद्ध का धम्म फैलाने के उद्देश्य से कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें क्षेत्र से सैकड़ों उपासक शामिल रहे। इस दौरान बौद्ध भिक्षुओं को भोजनदान भी दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज में भिक्षुओं के द्वारा एक नया जीवन जीने का उपदेश देकर जीवन की समस्त रचनाओं को मानव जीवन में जीने के लिए किसी संत का मार्गदर्शन होना जरूरी है। कार्यक्रम का समापन बहुजन हिताय बहुजन सुखाय के साथ किया गया। इस दौरान प्रमुख रूप से आनन्द राशमी, विमल बौद्ध, रघुवीर जाटव, ज्ञानसिंह पाल, शशिप्रकाश पाल, आनंद गौतम, आनंद एडवोकेट,ओमकार, अशोक मौर्य, श्रवणलाल, हर्षवर्धन, जय सिंह सागर, एवरन जाटव, राकेश गौतम, आसाराम जाटव, धीरसिंह, भगवान सिंह, भगवानदास, विजेंद्र, ऋषिपाल, अशोक कुमार बाल्मिक सहित अन्य सैकड़ों लोग शामिल रहे।

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