जिला स्तरीय निर्यात क्लस्टर सुविधा ईकाई की बैठक सम्पन्न


बदायूँ: 27 सितम्बर। सिटी मजिस्ट्रेट अमित कुमार की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में उ0प्र0 कृषि निर्यात नीति 2019 के क्रम में जिला स्तरीय निर्यात क्लस्टर सुविधा ईकाई की बैठक हुई।
बैठक में उ0प्र0 कृषि निर्यात नीति के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत रूप से चर्चा की गई। सिटी मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए कि निर्यात नीति के अन्तर्गत किसान, एफपीओ, एफपीसी क्लस्टर बनाकर निर्यात करेंगे जिसमें न्यूनतम 50 है0 भूमि होनी अनिवार्य है। निर्यात पूर्ण होने पर किसानों को 50 से 100 हेक्टेयर के क्लस्टर क्षेत्र के लिए 10 लाख रू0, 100 से 150 हेक्टेयर तक के क्लस्टर के लिए 16 लाख रुपये, 150 से 200 हेक्टेयर के क्लस्टर के लिए 22 लाख रुपये, 200 से 250 हेक्टेयर तक के लिये 28 लाख रुपये , 250 से 300 हैक्टेयर तक के क्लस्टर के लिए 34 लाख रुपये, 300 से 350 हेक्टेयर तक के क्लस्टर के लिए 40 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि  दी जायेगी। प्रोत्साहन राशि उत्पादन का न्यूनतम 30 प्रतिशत मात्रा निर्यात होने पर निर्यात दायित्व पूर्ण माना जाएगा। इसके साथ ही परिवहन भत्ता के रूप में 10/- कि0ग्रा0 हवाई यात्रा अनुदान, 05/- कि0ग्रा0 जलमार्ग एवं सड़क मार्ग से अनुदान दिया जायेगा। नई प्रसंस्करण इकाई, कोल्ड स्टोरेज पैक हाउस, राइपनिंग चैंबर की स्थापना पर 25 लाख रू0 प्रतिवर्ष 05 वर्षो तक प्रोत्साहन के रूप में दिया जायेगा। निर्यातकों को पैकेजिंग, ट्रेसेबिलिटी प्रणाली में  सहायता तथा मंडी शुल्क एवम विकास सेस में शत प्रतिशत छूट प्रदान की जायेगी। क्लस्टर गठन के उपरांत निर्यात सम्बन्ध में क्लस्टरों को एपीडा में  पंजीकरण, इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड दिलाने में सहायता , निर्यात प्रक्रिया का पूर्ण प्रशिक्षण कृषि विपणन एवम विदेश व्यापार विभाग द्वारा दिया जाएगा, बताया गया कि जनपद बदायूँ में निर्यात योग्य कृषि उपज/उत्पादों का चिन्हांकन करते हुए उनको किन-किन देशों केा निर्यात किया जा रहा है तथा अन्य संभावित कृषि उत्पादों को एफपीओ, एनजीओ के माध्यम से निर्यात से जोड़ने के संबंध में कार्यवाही के संबंध में भी जानकारी दी गई। बताया गया जनपद में उत्पादित सब्जी, जैविक उत्पादन, धान, मत्स्य, दुग्ध उत्पाद के लिए लक्ष्य आवंटन हुआ है। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा निर्देशित किया गया कि निर्यात नीति के संबंध में संक्षिप्त विवरण तैयार कर एफपीओ, एनजीओ को जानकारी उपलब्ध करायी जाये जिससे इसके नीति के बारे में किसान जागरूक होकर इसका लाभ उठा सकें। निर्देशित किया गया कि आगामी बैठक में सभी एफपीओ, एनजीओ को सूचना देकर बैठक में प्रतिभाग कराया जाये ताकि क्लस्टर की संख्या को बढ़ाया जा सके। सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा कृषि विभाग के अधिकारी, डीओ फूड, उपायुक्त उद्योग, नाबार्ड, मत्स्य विभाग को क्लस्टर बनाये जाने हेतु लक्ष्य भी दिये गये। इस अवसर पर बैठक में उपस्थित एफपीओ, एनजीओ एवं किसानों से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिये गये। बैठक में उपायुक्त उद्योग, उप कृषि निदेशक, ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक, डीएचओ, डीओ फूड सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं एफपीओ, किसानों द्वारा प्रतिभाग किया गया।

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