एसिड स्टाक की स्थिति सही न पाए जाने पर स्टाक होगा जब्त: डीएम


बदायूँ: 30 सितम्बर। जिलाधिकारी दीपा रंजन ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संकल्प शर्मा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन ऋतु पुनिया, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ0 विक्रम सिंह पुण्डीर, एसपी सिटी प्रवीण सिंह चैहान, एसपीआरए सिद्धार्थ वर्मा तथा अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन चन्द्र शेखर मिश्र के साथ कलेक्ट्रेट स्थित अटल बिहारी बाजपेेई सभागार में जनपद स्तरीय एसिड/तेजाब विक्री पर रोक सम्बन्धी सूचनाओं के प्रचार एवं प्रसार के सम्बन्ध में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में नवीन अनुज्ञप्ति हेतु आवेदन एवं लाइसेंस की शर्तों तथा तेजाब के विक्रय के सम्बन्ध में नियमावली में उल्लेखित बिन्दुओं पर विचार विमर्श किया गया। एसिड/तेजाब विक्री के नियन्त्रण हेतु किये गये निरीक्षण एवं शासनादेश के क्रम में निर्देश दिये गये। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि समस्त उपजिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी एसिड/तेजाब विक्री करने वाले व्यापारियों एवं इण्टर कालेज/डिग्री कालेज के प्रबंधकों से समन्वय स्थापित कर एक संयुक्त बैठक का आयोजन करेंगे। प्रत्येक तेजाब विक्रेता द्वारा एक रजिस्टर रखा जाएगा जिसमें क्रय करने वाले व्यक्तियों का पूर्ण विवरण उसका नाम व पता एवं आधार कार्ड एवं क्रय करने की मात्रा एवं प्रयोजन का उल्लेख किया जायेगा। उक्त विवरण का उल्लेख किये बिना किसी व्यक्ति को किसी भी दशा में एसिड/तेजाब का विक्रय नहीं किया जायेगा। प्रत्येक तेजाब विक्रेता द्वारा क्रेता से उसके संबंध में शासन द्वारा निर्गत फोटोयुक्त पहचान पत्र जिसमें उसके पते का स्पष्ट उल्लेख हो, का अवलोकन कर उसकी प्रति प्राप्त की जायेगी। प्रत्येक तेजाब के विक्रेता द्वारा 15 दिन के भीतर तेजाब के स्टाक की रिपोर्ट सम्बन्धित उप जिला मजिस्टेªट के समक्ष अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जायेगी। किसी अवयस्क व्यक्ति (जिसकी उम्र 18 वर्ष से कम हो) को किसी भी दशा में एसिड/तेजाब की विक्री नहीं की जायेगी। प्रत्येक तेजाब विक्रेता द्वारा उक्त निर्धारित अवधि में तेजाब के स्टाक की स्थिति सही प्रकार से उप जिला मजिस्टेªट के समक्ष न प्रस्तुत किए जाने पर सम्बन्धित उप जिला मजिस्टेªट द्वारा सम्पूर्ण स्टाक को जब्त कर लिया जाएगा और वह विक्रेता पर रूपये 50,000/-(रूपये पचास हजार मात्र) तक का जुर्माना अधिरोपित कर सकेगा। प्रदेश में एसिड/तेजाब के क्रय-विक्रय भण्डारण को विनियमित करने तथा उनका कठोरता से प्रवर्तन करने हेतु मुख्य सचिव उ0प्र0 शासन की ओर से निर्गत शासनादेश को उत्तर प्रदेश विष (कस्बा और विक्रय) नियमावली 2014 के अन्तर्गत वर्णित एसिड/विषों के विक्रय हेतु अनुज्ञप्ति प्राप्त करेंगे।

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