राष्ट्रीय एकता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल विषय पर भाषण एवं प्रशनोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन कर चलाया स्वच्छता अभियान

बदायूँ:-गिन्दो देवी महिला महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के तत्वाधान में मिशन शक्ति, आजादी के अम्रत महोत्सव व पटेल जयंती के अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश शासन के आदेशानुसार लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जयंती पर आयोजित हो रहे तीन दिवसीय कार्यक्रमों की श्रृंखला में आज द्वितीय दिवस स्वयंसेविकाओं ने कार्यक्रम संयोजिका कार्यक्रम अधिकारी असिस्टेंट प्रोफेसर सरला देवी चक्रवर्ती के निर्देशन एवं नेतृत्व में व डॉ इति अधिकारी के सहयोग से ” नव भारत निर्माता, राष्ट्रीय एकता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल ” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। तत्पश्चात प्रेशनोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें सभी स्वयंसेविकाओ ने बढ़ चढ़ कर प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डा. गार्गी बुलबुल के करकमलों द्वारा सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए कार्यक्रम अधिकारी सरला देवी चक्रवर्ती ने बताया कि लौहपुरुष’ सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के पहले गृहमंत्री थे। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है। वो कहा करते थे कि हमें ऊंच-नीच, अमीर-गरीब, जाति-पंथ के भेदभावों को समाप्त कर देना चाहिए तभी हम एक उन्नत देश की कल्पना कर सकते है।
प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल ने स्वयंसेविकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कोई
भी छात्र या छात्रा तभी एक संपूर्ण
नागरिक बन सकती है जब उसके अंदर अपने देश के प्रति समर्पण एवं त्याग की भावना विकसित हो। अपने देश के लिए कुछ करने का जज्बा ही उसमें एकता एवं अखंडता के भाव जागृत करता है।
हमें अपनी युवा शक्ति को राष्ट्रीय
एकता बनाए रखने के लिए प्रेरित
करना होगा और संकल्पित होकर राष्ट्रउत्थान में अपना बहुमूल्य योगदान देना होगा।

भाषण एवं प्रशनोत्तरी प्रतियोगिता कराई गई। परिणाम इस प्रकार रहा- भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर कु पलक वर्मा रहीं द्वितीय रही कु इलमा बी और तृतीय स्थान पर कु राजकुमारी व चतुर्थ स्थान शालिनी सागर ने प्राप्त किया।
प्रेशनोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित हुई जिसमें ग्रुप बी वैष्णवी ग्रुप ” “ए” संगीता ग्रुप से 2 अंको से विजयी रहा।
निर्णायक की भूमिका में,डॉ शिल्पी तोमर, डॉ शालू , डॉ उमा सिंह गौर,डॉ निशि अवस्थी रहीं।,डॉ शिल्पी तोमर, डॉ शालू का विशेष सहयोग रहा। स्वयंसेविकाओं में कु०रितिका राजपूत, शिवांगी,सलोनी, इलमा बी, शालिनी, आकांक्षा,राजकुमारी, लवली, दिशा सिंह, सौम्या, वैष्णवी, उजाला शंखधार, इलमा नाज,शीतल, शालिनी आदि की सराहनीय सहभागिता रही।समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

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