पानी को हम बचाएंगे देश में खुशहाली लाएंगे : गार्गी बुलबुल ।

बदायूं । गिंदो देवी महिला महाविद्यालय बदायूं में तीसरे एकदिवसीय शिविर का आयोजन प्राचार्या डॉक्टर गार्गी बुलबुल के संरक्षण में व डॉक्टर सरला चक्रवर्ती राष्ट्रीय सेवा योजना प्रथम इकाई तथा डॉ सुमन सिंह कार्यक्रम अधिकारी राष्ट्रीय सेवा योजना द्वितीय इकाई के निर्देशन में स्वयं सेविकाओं के द्वारा पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण पर जागरूकता रैली निकाल कर अपने-अपने चयनित स्थल बजरंग नगर व नगला सैयदगंज बस्ती में जाकर लोगों को जागरूक करने का कार्य किया तथा महाविद्यालय व अपने चयनित स्थानों पर
नीम के पौधे व तुलसी के पौधे लगाकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया।
बौद्धिक सत्र में प्राचार्या डॉ गार्गी बुलबुल के द्वारा सरस्वती पूजन करके कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया तथा स्वयं सेविकाओं ने सरस्वती वंदन व लक्ष्य गीत गाया।
इसके पश्चात कार्यक्रम अधिकारियों ने स्वयं सेविकाओं को पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण के बारे में विस्तार रूप से बताया, उन्होंने कहा कि पर्यावरण व जल को बचाए रखना आज विश्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती है, पर्यावरण व जल संरक्षण के लिए मात्र पर्यावरण विभाग ही नहीं बल्कि हम सभी की बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है इसके लिए हम सभी को आगे आकर सार्थक प्रयास करने होंगे। प्राचार्य गार्गी बुलबुल जी ने स्वयं सेविकाओं से कहा कि पर्यावरण के लगातार विशुद्ध होने से आज लोगों को जलवायु, ध्वनि आदि प्रदूषण से लगातार जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण बचाओ पेड़ लगाओ साथ ही उन्होंने जल संरक्षण के बारे में कहा कि पानी को हम बचाएंगे देश में खुशहाली लाएंगे।
डॉक्टर सरलादेवी चक्रवर्ती जी ने कहा कि जल संरक्षण हमारा दायित्व ही नहीं कर्तव्य भी है।
डॉ सुमन सिंह ने स्वयं सेविकाओं को समझाते हुए कहा कि हर वह चीज जो जीव के रहन-सहन पर प्रभाव डालती हैं उसे पर्यावरण कहते हैं और पर्यावरण है तो हम हैं पर्यावरण नहीं तो हम नहीं। मुख्य अतिथि व मुख्य वक्ता के रूप में आई हमारी प्रोफेसर डॉ श्रद्धा यादव जी ने स्वयं सेविकाओं को बताया कि सब को होश में लाना है पर्यावरण बचाना है सबको देनी है यह शिक्षा पर्यावरण की करे सुरक्षा।
सीनियर प्रोफेसर डॉक्टर मुक्ता सक्सेना ने स्वयं सेविकाओं को कहा कि पानी को हम बचाएंगे देश में खुशहाली लाएंगे साथ ही उन्होंने कहा कि पर्यावरण सबकी जान वृक्ष लगाकर करो इसका सम्मान।
मुख्य वक्ता के रूप में हमारी सीनियर प्रोफेसर डॉ उमा सिंह गौर ने स्वयं सेविकाओं को कहा कि पर्यावरण बचाओ पेड़ लगाओ पेड़ लगाओ देश बचाओ। उन्होंने यह भी स्वयं सेविकाओं को बताया कि जल को जीवन कहा गया है जल हमारे अस्तित्व के लिए नितांत आवश्यक है यह शरीर जिन पांच महा तत्वों से निर्मित है उनमें जल भी एक है जीवन में प्रत्येक कार्य में जल उपयोगी है स्वच्छता पूजा-पाठ आचार व्यवहार खेती उद्योग आदि में इसका उपयोग होता है उन्होंने यह दोहा भी बच्चों को सुनाया रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून, प्रोफेसर सुभी भसीन मैडम ने स्वयं सेविकाओं को बताया कि जल में विसर्जित कूड़ा करकट शव आग जली लाशें राख फूल मालाएं जूठा भोजन आदि जल को प्रदूषित करते हैं परिणाम स्वरूप जल पीने के लायक नहीं रह जाता है, अतः हमें इन सब चीजों का जल में डालने से बचना चाहिए और जल संरक्षण के लिए हमें बरसात के पानी को भी संरक्षित कर उपयोग में लाने का प्रयास करना चाहिए।
इसके उपरांत स्वयं सेविकाओं ने भी पर्यावरण संरक्षण व जल संरक्षण पर अपने अपने विचारों को रखा।
इस प्रोग्राम में महाविद्यालय की समस्त प्रोफेसर शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं तथा महाविद्यालय के समस्त स्टाफ का भरपूर सहयोग रहा। कार्यक्रम अधिकारी डॉ सुमन सिंह ने प्राचार्य डॉ गार्गी बुलबुल अपनी समस्त शिक्षिकाओं तथा महाविद्यालय के समस्त स्टाफ का धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम के समापन की घोषणा की।

Leave a Reply

%d bloggers like this: