प्राथमिक विद्यालय की बुरी दशा शौचालय खंडर में तब्दील आज तक शौचालय में नहीं लगी सीट

विद्यालय के कोने को ही बना दिया पेशावघर

बदायूँ ब्यूरो की रिपोर्ट

बदायूँ/कुंवर गांव । एक तरफ योगी सरकार सरकारी स्कूलों के कायाकल्प को लेकर बढ़ावा दे रही हैं पानी की तरह पैसा वहा रही है । वहीं स्कूल के प्रधानाध्यापक से लेकर कुछ जिम्मेदार इसको पलीता लगाने का काम कर रहे हैं ।कोरोना काल के काफी समय बाद जब स्कूल खुले तो स्कूल में बच्चों का आना शुरू हो गया है लेकिन बच्चों को स्कूल में कोई सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं
ऐसा ही एक मामला सलारपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव नंदगांव का सामने आया है जहां प्राथमिक विद्यालय की बुरी दशा है जिसकी बाउंड्रीवाल टूटी पड़ी है । वहीं खेल मैदान की भी बांउड्रीवाल टूटी पड़ी है । विद्यालय में बने शौचालय एक प्रकार से खंडर में तब्दील हो चुके हैं जिसमें बालिका शौचालय में आज तक सीट तक नहीं लगी । और बालक शौचालय का आज तक ताला तक नहीं खुला।बालिका शौचालय एक प्रकार से गिरने की कगार पर है जिसकी छत जर्जर हो चुकी है। जिसमें कबाड़ भरा हुआ है । और ग्रामीणों का यहां तक कहना है विद्यालय में तैनात अध्यापक बच्चों से पेशाब करने के लिए बाहर खेतों में जाने की कह देते हैं । और जबकि खुद उन्होंने विद्यालय के एक कोने ही पेशावघर बना दिया है ।जबकि आज रविवार को छुट्टी के दिन भी विद्यालय में बने अतिरिक्त कक्ष की किवाड़ से अंदर झांक कर देखा तो उसका छत का पंखा चलता हुआ मिला जबकि उसमें ताला लगा हुआ था । जिससे विद्यालय स्टाफ की लापरवाही सामने आती दिखाई दे रही है । विद्यालय के आस पड़ोस में गंदगी की भरमार है । जिससे स्कूली बच्चों में भी संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है विद्यालय भी गंदगी में लिप्त है ।सब तरफ गंदगी फैली हुई है । विद्यालय में महत्वपूर्ण नम्बरों की तालिका तो बनी हुई है लेकिन उसपर किसी उच्च अधिकारी का नंबर तक नहीं लिखा हुआ है ।और गांव वालों का यहां तक कहना है कि पिछले पंचवर्षीय में ग्राम प्रधान ने गांव और विद्यालय में कोई कार्य नहीं करवाया है और अब नवनिर्वाचित प्रधान ने भी इसकी ओर कोई ध्यान नहीं दिया है ।

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