डॉ सत्यार्थी की पुस्तक “मन की उथल-पुथल” का हुआ विमोचन

बदायूँ। राजकीय महाविद्यालय में हिंदी विभाग के द्वारा भारत में हिंदी भाषा की दशा एवं दिशा विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। हिंदी विभाग की प्रभारी डॉ अंशु सत्यार्थी द्वारा रचित काव्य संग्रह मन का उथल पुथल का विमोचन भी हुआ। छात्र छात्राओं ने स्वरचित काव्य पाठ एवं मॉडल का प्रदर्शन किया।
मुख्य अतिथि बरेली कॉलेज के हिंदी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ श्याम पाल सिंह मौर्य ने राष्ट्रभाषा की इतिहास को रेखांकित करते हुए वर्तमान की दशा पर प्रकाश डाला और भविष्य में हिंदी वैश्विक भाषा की ओर अग्रसर है इस बात की पुष्टि की। कार्यक्रम का उद्घाटन मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के द्वारा किया गया। कुमारी गीतांजलि सिंह, समीक्षा यादव एवं पायल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। स्वागत गान अलका शंखधार, एकता सक्सेना एवं दीक्षा सक्सेना ने प्रस्तुत किया। गोष्ठी में छात्र-छात्राओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए। अध्यक्षता प्राचार्य डॉ परवेज़ शमीम ने की व संचालन डॉ अंशु सत्यार्थी ने किया।
मुख्य अतिथि डॉक्टर मौर्य एवं कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ परवेज़ शमीम के साथ डॉ सारिका शर्मा, डॉ पीके शर्मा, डॉ अनिल कुमार एवं डॉ बबीता यादव आदि ने डॉ सत्यार्थी की पुस्तक मन की उथल पुथल का लोकार्पण किया।
अपनी पुस्तक का वाचन करते हुए डॉ सत्यार्थी ने कहा कि बचपन से लेकर आज तक भारतीय समाज और संस्कृति के प्रति मेरे मन में निरंतर विचार मंथन की प्रक्रिया चल रही थी उसे हमने लिपिबद्ध कर साहित्य संपदा में सम्मिलित किया है।
अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य डॉ परवेज़ शमीम ने कहा कि डॉ सत्यार्थी के हृदय में सभी के प्रति प्यार और सद्भावना विद्यमान रहती है जिसे पुस्तक के रूप में देखकर महाविद्यालय परिवार प्रफुल्लित है।
इस मौके पर डॉ संजीव राठौर, डॉ बरखा, शशि प्रभा, मुकुल राठौर, समीक्षा यादव, अभिषेक यादव, रेनू भारती, रजनी कश्यप, प्रिया सिंह, अंशुल कुमार, अमन सक्सेना, ऋतिक कुमार सिंह, दीप्ति राठौर,श्याम बाबू, भगवान सिंह राजपूत, शिवम यादव, वैष्णवी गुप्ता, विनीता , देवांश श्रीवास्तव, गुरु चरण गुप्ता,श्वेता सिंह,अर्जुन तोमर आदि मौजूद रहे।

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