इस कल्याणकारी योजना में भी लूट मचाई।

बदायूं/उत्तर प्रदेश
सहसवान ( बदायूं ) :
केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना का अर्थ देश के ऐसे गरीब लोगों के लिए लाई गई योजना है जिसके लिए सर ढकने को छत नहीं, समाज में रहते गरीब तबके के लोगों को स्वयं का घर बनाने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से किस्तों के रूप में धन आवंटन कराया जाता है जो बिल्कुल निशुल्क होता है पर घोटालों की आड़ में घूसखोरो ने सरकार की इस कल्याणकारी योजना में भी लूट मचाई हुई है यहां किस्त के रूप में रुपए दिलाने के नाम पर जरूरतमंदों से खूब अवैध धन की उगाही की जा रही है आलम यह कि अगर प्रधानमंत्री आवास योजना से बने मकानों का जमीनी स्तर पर सर्वे कराया जाए तो पता चलेगा कि आधे से भी ज्यादा मकानों की लिस्ट में अपात्रों के नाम अंकित है जिसका कारण नगर पंचायत नगर पालिका के भी लोग जिम्मेदार हैं जो जरूरतमंद लोगों का हक मारकर मोटी कमाई कर अपात्रों को योजना का लाभ दिलाने का काम बड़ी ही आसानी से कर रहे हैं बात प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने मकानों की है जहां पर पता लगता है कि दर्जनों ऐसे मकान जो घूस देकर पात्रों की सूची में अंकित किए गए हैं यही नहीं इनमें दर्जनों ऐसे भी हैं जो भवन का रूप भी ले चुके हैं पालिका में मौजूद कुछ खास और रसूखदार किस्म के लोग पात्रों के साथ अपात्र से मोटी रकम वसूल कर बड़े ही आसानी के साथ सरकार की इस कल्याणकारी योजना को पलीता लगाने से नहीं चूक रहे हैं स्थानीय मोहल्ले के लोगों ने बताया कि नगर पालिका मेें घूस देकर अपात्रों को भी पात्र बना दिया जाता है ऐसी इस बार कई मोहल्लों में अपात्रों को पात्र बना दिया गया है वास्तव में अगर देखा जाए तो इसके ऐसा करने के पीछे कहीं ना कहीं घूस के पैसे का बंदरबांट होने से इनकार नहीं किया जा सकता। सरकार द्वारा इन सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के पीछे जो भी सरकारी कर्मचारी सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं जिन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाना अति आवश्यक हैै जिससे अधिकारी व कर्मचारी आगे किसी भी योजना में सरकार को बदनाम न करने पाये ।

रिपोर्ट – मुकेश मिश्रा, सहसवान

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