सफाई कर्मियों की जगह अब रोबोट करेंगे नालों की सफाई । क्या है सरकार की योजना ।

लखनऊ।
उत्तर प्रदेश के करीब 35 से ज्यादा जिलों में जल्द ही प्रदेश सरकार नई योजना लाने जा रही है। इससे सफाईकर्मियों को काफी राहत मिलने वाली है। प्रदेश के 35 से ज्यादा जिलों में जल्द ही सफाई कर्मियों को राहत देते हुए ‘वन सिटी वन आपरेटर’ योजना को लागू किया जाएगा। इसके तहत कई आसपास के जिलों को जोन बनाकर उनमें सीवर की सफाई व एसटीपी के रखरखाव आदि के लिए एक ही आपरेटर तैनात किया जाएगा। इन आपरेटरों के जरिये गहरे सीवर और नालों में रोबोट व हाईड्रोलिक मशीनों के जरिए सफाई की जाएगी। इससे सफाई के दौरान सफाई मित्रों की मृत्यु की घटनाओं पर लगाम लग सकेगी।
प्रदेश के नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने बताया कि अभी प्रदेश के 11 जिलों लखनऊ, आगरा, गाजियाबाद जोन में गाजियाबाद, बिजनौर, मेरठ, रामपुर, मुजफ्फरनगर व सहारनपुर के अलावा गोरखपुर, अयोध्या व सुलतानपुर को गोरेखपुर जोन में रखते हुए ‘रोबोटिक तकनीक’ से सीवर की सफाई हो रही है। इसका जल्द प्रदेश के करीब 35 जिलों में और विस्तार किया जाएगा। इसके जरिये आसपास के जिलों को जोन बनाकर इसके लिए एक ही आपरेटर को काम दिया जाएगा। मसलन, प्रयागराज, कौशांबी के करीबी जिलों में और इसी तरह बरेली, मुरादाबाद व शाहजहांपुर आदि में एक आपरेटर का चयन किया जाएगा। इस आपरेटर को सीवर की सफाई के साथ ही एसटीपी का पूरा रखरखाव दिया जाएगा।

बैंडिकूट रोबोट से कराया जाएगा काम
श्री टंडन ने बताया कि सीवर व मेनहोल की सफाई में अक्सर सफाई मित्रों की जहरीली गैस के कारण मौत हो जाती है। ऐसे में बैंडिकूट रोबोट ऐसी जगह पर आसानी से चला जाता है, जहां मनुष्य के लिए प्रवेश करने पर जान का जोखिम होता है। वहीं यह पत्थर के समान जम चुकी सिल्ट की भी सफाई आसानी से कर देता है। उन्होंने साफ किया कि इसके लागू होने से ‘सफाई मित्रों’ को रोजगार की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। बल्कि उन्हें ही इस काम में लगाया जाएगा। इसके लिए ‘सफाई मित्रो’ को ट्रेनिंग दी जाएगी। उन्होंने कहा कि वैसे भी हाथ से सफाई करने पर प्रतिबंध है और ऐसा कराने वाले को दो साल की सज़ा और दो लाख रुपये तक का जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है।

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