सपा सरकार जे.ई.(सिविल) भर्ती आरक्षण में बडी लापरवाही, 73 जूनियर इंजीनियर की जा सकती है नौकरी..... - Latest News & Updates - Rohilkhand Prabhat News

सपा सरकार जे.ई.(सिविल) भर्ती आरक्षण में बडी लापरवाही, 73 जूनियर इंजीनियर की जा सकती है नौकरी…..

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अखिलेश सरकार में जलनिगम जे.ई.(सिविल) वर्ष 2013 की भर्ती में आरक्षण न दिए जाने को लेकर बडी लापरवाही हुई है,5 साल से स्टे पर कार्यरत 73 जूनियर इंजीनियर (सिविल) की जा सकती है नौकरी–

अखिलेश सरकार जलनिगम में जे.ई.(सिविल) वर्ष 2013 की कुल 470 पदों पर भर्ती में आरक्षण न दिए जाने को लेकर बडी लापरवाही हुई है।

जेई सिविल के कुल 470 पदों पर 2013 में नियुक्त होना था,जिसमे जनरल के 235 और अन्य पिछड़ा वर्ग के 127 व अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के 99 व 09 पदों पर भर्ती होनी थी। लेकिन मुख्य अभियंता,उत्तरप्रदेश जलनिगम लखनऊ डी. प्रशाद ने नियुक्ति में बड़ी लापरवाही की और 235 सामान्य वर्ग के कटऑफ मार्क्स 62.60 से भी कम नम्बर पाए लोगो की फर्जी तरीके से सामान्य श्रेणी के पदों पर नियुक्ति कर दी गई।इन सब मामलों को लेकर अन्य पिछड़ा वर्ग के 37 लोगो ने रिट A 51042/2014 माननीय उच्चन्यायालय में याचिका दाखिल किया जिस पर वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक खरे ने माननीय न्यायमूर्ति सुनीत कुमार को बहस में बताया कि याची ने जनरल कैटेगरी के अंतिम सेलेक्ट कैंडिडेट से ज्यादा नम्बर प्राप्त किया है ।जबकि भर्ती में 119 जनरल कैटेगरी के कटऑफ मार्क्स से कम नम्बर पाए लोगो का सेलेक्शन हो गया है इसलिये अन्य पिछड़े वर्ग का भी कट ऑफ 59.60 निर्धारित कट ऑफ से कम होना चाहिए।जिस पर न्यायालय ने नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश 25-9-2014को पारित किया था ।आदेश के अनुपालन ने जलनिगम लखनऊ ने 73 जनरल कैटेगरी जूनियर इंजीनियर (सिविल)को नौकरी से निकाल दिया लेकिन हाइकोर्ट में पुनः याचिका दाखिल कर स्टे पर 73 जनरल कैटेगरी के कैंडिडेट पिछले 5 साल से जे ई के पद पर कार्यरत है।

वर्ष 2014 से केस की सुनवाई न होने पर अन्य पिछड़े वर्ग के याचिकाकर्ताओ ने अधिवक्ता सुनील चौधरी को अपना वकील नियुक्त कर माननीय न्यायालय में अर्जेंसी एप्लीकेशन दाखिल कराया जिस पर 16 मार्च की सुनवाई की तारीख नियत हुई।
अधिवक्ता सुनील चौधरी ने सप्पलीमेंट्री दाखिल कर माननीय न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा को अवगत कराया कि नियुक्ति में बड़ी लापरवाही हुई है पिछड़ा वर्ग विकाश परिषद उत्तरप्रदेश जलनिगम की रिपोर्ट के आधार पर मुख्य अभियंता जलनिगम लखनऊ डी प्रशाद जाच में दोषी (negligency of duty)भी पाए गए है।और आर टी आई से यह भी जानकारी प्राप्त हुई है कि सामान्य कैटेगरी की भर्ती मे कुल 470 पदों में केवल 235 पद थे लेकिन गलत तरीके से सामान्य वर्ग के ही 576 लोगो की नियुक्ति हो गई है।अधिवक्ता सुनील चौधरी ने बहस में बताया कि वर्तमान समय मे जे ई सिविल के 372 पद खाली है , 27℅ आरक्षण देकर याचियों का भी समायोजन कर लिया जाए ।और यदि ऐसा नही हो सकता तो स्टे पर कर रहे 73 लोग व जनरल कैटेगरी के कट ऑफ मार्क्स 62.60 से कम नम्बर पाए नौकरी कर रहे लोगो को तत्काल नौकरी से निकाला जाए।चाहे तो सरकार पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को ही खारिज कर दे। कनेक्टेड याचिका में स्टे पर कार्यरत जनरल कैटेगरी कैंडिडेट की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता शशि नंदन जी ने भी बहस किया । जिस पर जलनिगम से अन्य जरूरी दस्तावेजो को प्रस्तुत करने का न्यायालय ने आदेश पारित किया। मामले में अगली तारीख 24-3-2021 नियत है।


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