बसपा को झटका, बागी विधायकों ने सदन में अलग बैठने की मांग उठाई


बसपा के बागी विधायकों ने अलग बैठने की मांग की

बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष से की मुलाकात

लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा बजट सत्र से पहले बहुजन समाज पार्टी के 9 बागी विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित को ज्ञापन देकर अलग बैठने की मांग की है। इन्होंने सदन में अलग दल के रूप में मान्यता मांगते हुए अलग बैठने की मांग की। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वे जहां पूर्व से बैठते रहे हैं, वहीं बैठें। माना जा रहा है कि जल्द ही ये बागी विधायक नई पार्टी भी बना सकते हैं।

बसपा के निलंबित विधायकों में श्रावस्ती के विधायक असलम राइनी, प्रयागराज के मुजतबा सिद्दीकी और हाकिम लाल बिंद, सीतापुर के हरगोविंद भार्गव,

हापुड़ के असलम अली ढोलना, जौनपुर के मुंगरा बादशाहपुर से सुषमा पटेल और आजमगढ़ के सगड़ी से वंदना सिंह शामिल हैं। इनके अलावा बसपा के दो विधायक रामवीर उपाध्याय और अनिल सिंह पहले से ही भाजपा के खेमे में बैठते हैं। अर्थात अब बसपा के पास केवल 6 विधायक ही रह गए हैं।

इन बागी विधायकों का आरोप है कि बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में सभी विधायकों के साथ हुई सर्वदलीय बैठक में उन्हें आमंत्रित नहीं किया गया था। इसके चलते उनमें नाराजगी है। बता दें कि इन विधायकों को पिछले साल राज्यसभा चुनाव के दौरान समाजवादी पार्टी से मिलने के आरोप में बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी से निलंबित कर दिया था। उधर, बागी विधायकों की दलील है कि उनकी संख्या अब पार्टी के विधायकों की संख्या से ज्यादा है।

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