टू स्टार दरोगा को माननीय के आशीर्वाद से कई बार मिल चुका है यातायात का प्रभार
माननीय" के आशीर्वाद से कई बार "मलाईदार" प्रभार पाने की विभाग में चर्चाएं

टू स्टार दरोगा को माननीय के आशीर्वाद से कई बार मिल चुका है यातायात का प्रभार

माननीय” के आशीर्वाद से कई बार “मलाईदार” प्रभार पाने की विभाग में चर्चाएं
राजनैतिक संरक्षण प्राप्त टू स्टार दरोगा यातयात प्रभारी की वजह से यातयात पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल
बदायूं। तत्कालीन एसएसपी डॉ ब्रजेश कुमार सिंह ने यातायात प्रभारी का अक्टूबर 2024 में फेरबदल किया था जहां शहर की यातायात व्यवस्था देख रहे टीआई एसआई आरएल राजपूत को हटाकर इंस्पेक्टर कमलेश कुमार मिश्रा को नया प्रभारी यातायात बनाया गया था।एसआई आरएल राजपूत उसके बाद कई बार चार्ज से हटे राजनैतिक संरक्षण के चलते ट्रैफिक का प्रभार मिलता रहा हैं। जबकि यह प्रभार इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी को दिया जाता हैं।राजनीतिक संरक्षण की वजह से टू स्टार दरोगा के लिए यातायात का प्रभार मिलता रहा इस बात की विभाग में चर्चाएं बनी हुई हैं। वर्तमान में टू स्टार दरोगा पर यातायात का प्रभार हैं जबकि थ्री स्टार इंस्पेक्टर लाइन में मौजूद हैं गैर जनपदों में थ्री स्टार रैंक वाले अधिकारियों को ट्रैफिक प्रभारी बने हुए हैं।हालांकि यह बात किसी छुपी नहीं हैं,माननीय” के आशीर्वाद से टू दरोगा को ट्रैफिक का प्रभार दिया गया।
प्राइवेट बस आपरेटर यूनियन के अध्यक्ष ओमकार सिंह का कहना है कि राजनीतिक रसूखदार आशीर्वाद” से दरोगा (सब-इंस्पेक्टर) को यातायात प्रभार दिया गया हैं”, तब से डग्गामार वाहनों ने अपनी रफ्तार और तेज कर दी हैं जब इंस्पेक्टर रैंक के काफी अधिकारी लाइन में मौजूद हैं सवाल यह हैं कि उन्हे प्रभार क्यों नहीं दिया गया पुलिस महकमे में अक्सर वरिष्ठता और कार्यकुशलता के आधार पर ट्रैफिक प्रभारी को जिम्मेदारियां दी जाती हैं। ऐसे में यदि किसी जूनियर या टू स्टार दरोगा को सीधे प्रभार मिलता है, तो राजनीतिक रसूखदार आशीर्वाद” से प्रभार मिलता हैं।स्थानीय स्तर पर लोग इसे “सिस्टम की सेटिंग” या माननीय” के आशीर्वाद के रूप में देखते हैं। स्थानीय लोग सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसे प्रभार को लेकर कटाक्ष भी करते हैं।




