खाकी की गुंडागर्दी नेत्रहीन फरियादी की पिटाई का विडियो वायरल

एसएसपी ने थाना प्रभारी व दरोगा को किया निलंबित,जांच सीओ बिसौली को सौंपी।

बदायूँ। बिसौली थाना पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहाँ शिकायत लेकर पहुंचे एक दृष्टिबाधित व्यक्ति के साथ कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कोतवाली प्रभारी और एक दरोगा को निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
मामला बिसौली कोतवाली क्षेत्र का है, जहां मुहम्मद मई गांव के पास होली के दौरान एक बाइक और ई-रिक्शा की टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसौली में भर्ती कराया गया था।
बताया जा रहा है कि घायल के चाचा मोरपाल, जो दृष्टिबाधित हैं, ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि कई दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
पीड़ित का कहना है कि जब उसने संबंधित उप निरीक्षक को फोन कर मामले की जानकारी लेनी चाही तो उसके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इसके बाद वह न्याय की उम्मीद लेकर खुद बिसौली कोतवाली पहुंच गया। आरोप है कि कोतवाली में भी उसे न्याय मिलने के बजाय मारपीट का सामना करना पड़ा। पीड़ित के मुताबिक कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह पुंडीर ने उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की और गाली-गलौज करते हुए थाने से बाहर निकाल दिया।
इसी दौरान किसी ने इस घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कोतवाली प्रभारी राजेंद्र सिंह पुंडीर और उप निरीक्षक भूपेंद्र यादव को निलंबित कर दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच क्षेत्राधिकारी बिसौली संजीव कुमार को सौंपी गई है। अब इस घटना के बाद पुलिस के व्यवहार और कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। लोगों की निगाहें अब जांच पर टिकी हैं कि आखिर पीड़ित को न्याय कब और कैसे मिलता है।




