
बिजली लाइन टूटने से 6 नलकूप बंद, सूखने लगी किसानों की फसलें, ग्रामीणों ने डीएम से लगाई गुहार

डेढ़ महीने से ठप पड़ी 11 हजार वोल्ट लाइन, दबंगों पर तार खिंचने से रोकने का आरोप
बदायूँ जनपद के कादरचौक ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम टुगसईया मजरा मौसमपुर में बिजली विभाग की लापरवाही और कथित दबंगई के चलते किसानों की फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं। गांव में पिछले करीब डेढ़ महीने से 11 हजार वोल्ट की बिजली लाइन खराब पड़ी है, जिससे छह नलकूप बंद हो गए हैं और खेतों की सिंचाई पूरी तरह ठप हो गई है।

ग्रामीणों के अनुसार 1 अप्रैल को आई तेज आंधी और तूफान में 11 हजार वोल्ट लाइन के चार बिजली पोल टूटकर गिर गए थे। इसके बाद से अब तक लाइन दुरुस्त नहीं कराई गई। बिजली सप्लाई बाधित होने से किसानों की मक्का, मैथा और मूंगफली की फसलें सूखने लगी हैं।
ग्रामवासियों तेज सिंह, मोरपाल सिंह, छोटे सिंह, अभिलाख सिंह, श्रीपाल सिंह और नेत्रपाल सिंह ने जिलाधिकारी बदायूँ को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उन्होंने भूड़ा भदौल विद्युत उपकेंद्र के जेई को कई बार लिखित शिकायत देकर लाइन ठीक कराने की मांग की, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

दबंगों पर गंभीर आरोप
किसानों ने आरोप लगाया है कि गांव के ही अशोक पुत्र हरिपाल सिंह, अवनीश पुत्र बिजेंद्र सिंह और शिव सिंह पुत्र बिजेंद्र सिंह ने उस स्थान पर दीवार खड़ी कर दी है, जहां से 11 हजार वोल्ट की लाइन गुजरती है। आरोप है कि उक्त लोग बिजली विभाग को पोल पर तार खींचने नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण लाइन चालू नहीं हो पा रही।
50 बीघा फसल प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि छह नलकूप बंद होने से करीब 50 बीघा से अधिक खेती प्रभावित हो रही है। सिंचाई न होने से फसलें तेजी से सूख रही हैं और किसानों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है।
किसानों ने प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि यदि फसल बर्बाद हो गई तो उनके परिवारों का पालन-पोषण कैसे होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द बिजली लाइन चालू नहीं कराई गई तो पूरी फसल चौपट हो जाएगी।




