

बदायूं। उत्तर प्रदेश शासन एवं जिलाधिकारी बदायूं के निर्देश पर 11 से 25 अगस्त तक चलाए जा रहे सेफ फ्यूचर अभियान के तहत बुधवार को परिवहन विभाग की टीमों ने स्कूल परिसरों और सड़कों पर स्कूली वाहनों की जांच की। प्रवर्तन दलों ने कुल 55 वाहन चेक किए, जिनमें पांच मानक के अनुरूप नहीं पाए गए और उनका चालान किया गया। दो स्कूली वाहनों को सीज किया गया।जांच में एसएस पब्लिक स्कूल उझानी का एक वाहन एंबुलेंस के रूप में पंजीकृत मिला, जिसे मॉडिफाई कर स्कूल बस के रूप में संचालित किया जा रहा था। वाहन के वर्ष 2023 से फिटनेस, परमिट, बीमा और प्रदूषण संबंधी प्रपत्र भी अपूर्ण थे। वाहन को परिवहन कार्यालय बदायूं में सीज कर दिया गया।

एआरटीओ हरिओम ने बताया कि मामले में स्कूल प्रबंधन की घोर लापरवाही सामने आई है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।इसके अलावा फिटनेस समाप्त एक अन्य स्कूली वाहन भी सीज किया गया। एक निजी वाहन को स्कूली बच्चों के परिवहन में संचालित किए जाने पर उसका भी चालान किया गया।विभाग ने फिटनेस समाप्त स्कूली वाहनों की रेड लिस्ट तैयार की है। इसमें बाबा इंटरनेशनल स्कूल बिल्सी की नौ, ब्लूमिंगडेल स्कूल की चार, टीटी कॉन्वेंट स्कूल की चार, अल हफीज एजुकेशन एकेडमी की दो, एपीएस इंटरनेशनल स्कूल की दो, नेशनल पब्लिक स्कूल अलापुर की दो और आरवी इंटर कॉलेज वजीरगंज की दो गाड़ियां शामिल हैं। नोटिस के बावजूद फिटनेस नहीं कराने पर इनके पंजीयन के निलंबन और निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।वहीं मेडिकल कॉलेज बदायूं में बिना फिटनेस और पंजीयन संचालित दो एंबुलेंस भी सीज की गईं। एआरटीओ ने स्कूल संचालकों से वाहनों के सभी प्रपत्र पूर्ण रखने और समय से फिटनेस कराने की अपील की है। अभियान आगे भी जारी रहेगा।




