यातयात पुलिस चालान का डर दिखाकर कर रही अवैध वसूली
राजनैतिक संरक्षण प्राप्त यातयात प्रभारी की मनमानी से यातयात पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

यातयात पुलिस चालान का डर दिखाकर कर रही अवैध वसूली

राजनैतिक संरक्षण प्राप्त यातयात प्रभारी की मनमानी से यातयात पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवाल

बदायूं। यातयात पुलिस चालान के नाम पर जमकर अवैध वसूली कर रही है चालान का डर दिखाकर शहर और गांव की भोली भाली जनता से चालान के नाम पर अवैध वसूली कर लूट रही हैं यह बात जग जाहिर हैं किसी से छुपी नहीं है स्थानीय लोगों का कहना है कि नई एसएसपी अंकिता शर्मा के चार्ज संभालने से जनता में खुशनुमा माहौल बना हुआ है कि अब आम राहगीरों को अवैध वसूली से राहत मिलेगी। शहर के हर चौराहे तिराहे पर तीन चार सिपाही एवं टीएसआई खड़े होकर कार स्कूटी बाइक भारी वाहनों का बिना कारण बताएं पांच हजार से दस हजार तक के चालान काटने की धमकी देते हैं।
जिसमें शहर के प्रमुख चौराहे कार्तिकेय चौक (पुरानी चुंगी) पुलिस लाइन चौराहा, इंदिरा चौक, अम्बेडकर पार्क,दातागंज चुंगी,मंडी समिति पर अधिकांश यातयात पुलिस वाले खड़े होकर ग्रामीण किसान व्यापारी और भोलीभाली जनता से अवैध वसूली कर कर रहे हैं।जिसकी वजह से आम जनता त्रस्त हैं कुछ समय पूर्व आमजन की समस्या को देखते हुए ज्वेलर्स हरि कृष्ण वर्मा ने उच्च अधिकारियों इसकी शिकायत की हैं।
सीओ सिटी,एसपी सिटी,अपर पुलिस महानिदेशक बरेली, मुरादाबाद, अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था लखनऊ,नगर विधायक महेश चंद्र गुप्ता व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कि शिकायत की हैं।
उन्होंने कहा है कि ट्रैफिक पुलिस वाले काफी देर तक वाहन चालकों को अनावश्यक बातचीत करके समय खराब करते है ट्रैफिक पुलिस यह कहकर धमकाती है कि मुख्यमंत्री के आदेश पर चालान कर रहे हैं। जिससे सरकार की छवि खराब हो रही हैं। वहीं सूत्रों की माने तो यातायात प्रभारी राजनैतिक संरक्षण प्राप्त के चलते जमकर अवैध तरीके से उगाही करने में लगे हुए हैं यातयात प्रभारी के निर्देशन में डग्गामार वाहनों से महीने के हिसाब से की जाती है वसूली जैसे पुलिस लाइन पर खड़ी होने वाली ईको कार से 1500 रुपए से लेकर 2000 रुपए तक की वसूली की जा रही है और जिन गाड़ियों पर पहचान के लिए लोगो लगा है उन्हें ना तो रोका जाता है और ना ही उनका चालान किया जाता है वहीं सूत्र बताते हैं कि पुरानी चुंगी और नवादा पर खुलेआम डबल ट्रेकर बसों का स्टैंड बना हुआ है जिनसे भी महीने के हिसाब से 2000 रुपए की एंट्री फीस वसूली जाती है डबल ट्रेकर बसों के कारण भी होता है शहर का यातयात बाधित वहीं राजनैतिक संरक्षण के चलते यातयात प्रभारी को मिल चुका है कई बार शहर का चार्ज।


