बदायूं में वाहन चालकों को बड़ी राहत: अब जिले में ही बनेगा फिटनेस सर्टिफिकेट, नहीं जाना पड़ेगा बरेली

बदायूं में वाहन चालकों को बड़ी राहत: अब जिले में ही बनेगा फिटनेस सर्टिफिकेट, नहीं जाना पड़ेगा बरेली

बदायूं। व्यावसायिक वाहन चालकों और वाहन स्वामियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। अब जनपद बदायूं में ही वाहनों के फिटनेस प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) की नई गाइडलाइन के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है।
अब तक बदायूं के वाहनों की फिटनेस जांच बरेली स्थित निजी ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (एटीएस) पर की जाती थी, जिसके लिए वाहन स्वामियों को दूसरे जिले का रुख करना पड़ता था। इससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त लागत झेलनी पड़ती थी।
नई व्यवस्था के तहत जिन जनपदों में एटीएस (Automated Testing Station) स्थापित नहीं हैं या निर्माणाधीन हैं, वहां फिटनेस जांच का कार्य संबंधित जनपद के परिवहन अधिकारियों के माध्यम से किया जाएगा। इससे अब वाहन स्वामियों को अपने ही जिले में सुविधा मिल सकेगी।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी हरिओम ने बताया कि इस नई गाइडलाइन का सीधा लाभ वाहन स्वामियों को मिलेगा। इससे अनावश्यक खर्च और समय की बचत होगी, साथ ही व्यवस्था अधिक सरल और पारदर्शी बनेगी।
प्रदेश में वर्तमान समय में 26 जनपदों में 31 एटीएस केंद्र संचालित हैं, जबकि 40 जनपदों में एटीएस निर्माण की प्रक्रिया जारी है। सरकार द्वारा इन केंद्रों को जल्द से जल्द चालू करने के लिए टाइमलाइन भी तय की गई है।
अधिकारियों के अनुसार, प्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी परिवहन व्यवस्था सुनिश्चित करना है, ताकि सड़क पर चलने वाले वाहनों की फिटनेस सही तरीके से जांची जा सके और दुर्घटनाओं पर भी नियंत्रण पाया जा सके।




