सफाई उपकरण न मिलने से ग्रामीण सफाई व्यवस्था प्रभावित, कर्मचारियों में रोष

सफाई उपकरण न मिलने से ग्रामीण सफाई व्यवस्था प्रभावित, कर्मचारियों में रोष

बदायूं। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में साफ-सफाई को बेहतर बनाने के लिए सरकार द्वारा ग्राम पंचायतों को हर वर्ष पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराई जाती है, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर हालात चिंताजनक बने हुए हैं।
उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ, जनपद शाखा बदायूं द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि ग्राम पंचायत सचिवों की मनमानी और लापरवाही के कारण सफाई कर्मचारियों को आवश्यक उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
संघ के जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सिंह ने बताया कि जनपद में लगभग 1571 सफाई कर्मचारी पिछले कई वर्षों से कार्यरत हैं और नियमित रूप से गांवों में साफ-सफाई का कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें झाड़ू, फावड़ा, ठेला सहित अन्य जरूरी उपकरण नहीं दिए जा रहे, जिसके चलते कर्मचारियों को अपने निजी खर्च से सामग्री खरीदनी पड़ रही है।
प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश हैं कि सफाई उपकरण ग्राम निधि से उपलब्ध कराए जाएं, लेकिन इन आदेशों का पालन नहीं हो रहा है। कई स्थानों पर कर्मचारियों को बिना संसाधनों के ही कार्य करने को मजबूर किया जा रहा है।
संघ ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की जांच कराई जाए और सभी सफाई कर्मचारियों को शीघ्र आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके।



