गौवंश आश्रय स्थल में एनजीओ की लापरवाही, गौवंशों की मौत

गौवंश आश्रय स्थल में एनजीओ की लापरवाही, गौवंशों की मौत

बीडीओ ने दानवीर जनकल्याण समिति को ब्लैक लिस्ट करने की संस्तुति

बदायूं। विकास खंड सालारपुर की ग्राम पंचायत बादल में संचालित गौवंश आश्रय स्थल में पशुओं के प्रति घोर क्रूरता और बड़ी लापरवाही की जा रही थी है। पशु प्रेमी विकेन्द्र शर्मा की शिकायत पर खंड विकास अधिकारी ने सोमवार को गौवंश आश्रय स्थल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान आश्रय स्थल का संचालन कर रहे एनजीओ ‘दानवीर जनकल्याण समिति’ की पोल खुल कर सामने आ गई। मौके पर कई गौवंश मृत अवस्था में मिले, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से बीमार मिले।
एक फीट कीचड़ के दलदल में रहने को मजबूर गौवंश
निरीक्षण के दौरान बीडीओ को आश्रय स्थल के भीतर बेहद नारकीय हालत में गौवंश मिले। पूरे परिसर में एक फीट से अधिक गहरा कीचड़ जमा था, वहां का क्षेत्र दलदल में तब्दील हो चुका था। इस कीचड़ के कारण बेसहारा गौवंश को चलने-फिरने और खड़े होने में भी अत्यधिक कठिनाई हो रही थी। चारों तरफ अव्यवस्था और गंदगी का माहौल था।
बिना ईयर टैग के मिले पशु, सरकारी बजट के गबन की आशंका
जांच में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर तथ्य यह सामने आया कि आश्रय स्थल में मौजूद अधिकांश गौवंश के कानों में ईयर टैग ही नहीं थे। बिना टैग के इतनी बड़ी संख्या में पशुओं को रखे जाने से यह आशंका गहरा गई है कि एनजीओ द्वारा अधिकारियों से सांठगांठ कर गौवंश के भरण-पोषण के नाम पर फर्जी तरीके से सरकारी धनराशि का गबन किया जा रहा है।
बीडीओ ने कारण बताओ नोटिस किया जारी
बीडीओ नितिन कुमार ने बताया कि इस एनजीओ द्वारा सालारपुर विकास खंड के अन्य गांवों रफियाबाद, सिकरोड़ी और रसूलपुर पुठी में भी गौवंश आश्रय स्थलों का संचालन किया जा रहा है। वहां भी कमोबेश इसी तरह की बदहाली और लापरवाही की शिकायतें हैं। बीडीओ ने इस पूरी जांच रिपोर्ट को उच्चाधिकारियों को प्रेषित कर दिया है। रिपोर्ट में एनजीओ से सभी गौवंश आश्रय स्थलों का संचालन वापस लेने और उसे पूरे विकास खंड के लिए ‘ब्लैक लिस्ट’ करने की मजबूत संस्तुति की गई है।




