
चार करोड़ की लूट के संबंध में डीएम से मिला किसान प्रतिनिधिमंडल

बदायूं। बरेली किसान सत्याग्रह 52वें दिन भी अटूट संकल्प 4 करोड़ की लूट पर प्रशासन की खामोशी अब असहनीय! धरती पुत्रों की पुकार न्याय दो, या संघर्ष और तेज होगा।
17 जनवरी से गांधी पार्क, बरेली में सत्याग्रह इस लिए कर रहे हैं बदायूं के बगरैन गोदाम से आर्य एजी ग्रुप द्वारा की गई 4 करोड़ रुपये की खुली लूट के खिलाफ है, जिसमें 1031 मीट्रिक टन अनाज लूटकर 4000 से अधिक छोटे-सीमांत किसानों की मेहनत की कमाई छीन ली गई।
किसानों के प्रतिनिधि के रूप में आये ओम कार सिंह ने कहा कि दोषी निदेशकों के खिलाफ तुरंत FIR दर्ज कर गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई लूटी गई फसल का पूरा मूल्य 4 करोड़ रुपये प्लस उचित ब्याज/मुआवजा तत्काल भुगतान एसआईटी का गठन जिसमें किसान प्रतिनिधि शामिल हों। ऐसी कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई एवं भविष्य में रोक।
दिनेश कुमार दद्दा ने कहा कि
बदायूं जिलाधिकारी द्वारा 27 जनवरी 2026 को गठित जांच समिति ने अब तक कोई लिखित रिपोर्ट नहीं दी। आज 9 मार्च 2026 को किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी की उपस्थिति में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) से मुलाकात कर जांच समिति द्वारा अब तक की गई कार्यवाही की रिपोर्ट मांगी। लेकिन अभी तक कोई लिखित अपडेट या प्रगति रिपोर्ट नहीं दी गई। मंडल आयुक्त, सांसदों और विधायकों को ज्ञापन दिए गए तथा राष्ट्रपति भवन से निर्देश आने के बावजूद स्थानीय प्रशासन और पुलिस इसे ‘सिविल मामला’ बताकर टाल रही हैं
केपी सिंह राठौर (जिलाध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक, बदायूं) ने कहा,
“52वें दिन भी इस ठंडी धरती से शुरू हुआ आंदोलन अब गर्मी की ओर बढ़ रहा है, क्योंकि हमारी मेहनत की कमाई को लूटने वालों को अब बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। यह 4 करोड़ रुपये की लूट केवल अनाज की नहीं, बल्कि 4000 से अधिक धरती पुत्रों के खून-पसीने की है। डीएम की जांच समिति बनी, रिपोर्ट मांगी तो चुप्पी मिली। हम गांधी जी के रास्ते पर हैं। न्याय मिलेगा, वरना संघर्ष और तेज होगा। हल्ला बोल! धरती पुत्र एकजुट!”
विपिन पटेल (बरेली के भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक जिलाध्यक्ष एवं प्रभावित किसान नेता) ने कहा, की मैं, 52 दिनों से इस धरने पर हूं क्योंकि मेरी फसल, मेरे बच्चों का भविष्य और मेरी पूरी मेहनत लुट गई है। जांच हुई, डीएम से मुलाकात हुई, रिपोर्ट मांगी तो जवाब मिला सिर्फ खामोशी। हम अहिंसक हैं लेकिन अडिग हैं। ठंड सह लेंगे, भूख सह लेंगे, लेकिन न्याय के बिना नहीं उठेंगे। आवाज उठाओ, हल्ला बोलो – जीत हमारी होगी!” (सत्याग्रह समिति सदस्य एवं प्रभावित किसान प्रतिनिधि) हरबंस पटेल, ने कहा कि 52 दिनों से गांधी पार्क में हूं क्योंकि मेरी मेहनत पर डाका डाला गया है। हमारी चार मांगें अटल हैं – दोषियों की गिरफ्तारी, पूरा मुआवजा, SIT में किसान प्रतिनिधि और भविष्य में ऐसी लूट पर रोक। यह संघर्ष हर किसान का है। हम गांधीवादी हैं, इसलिए सत्य की जीत अवश्य होगी। हल्ला बोल! न्याय दो!”
डॉ. हरीश कुमार गंगवार (संयोजक, मुख्य सत्याग्रही) ने कहा, “मैं वसुधा का पीड़ित धरती पुत्र, 52वें दिन भी यहां डटा हूं क्योंकि हजारों किसानों की मेहनत लुट गई है। डीएम की समिति बनी, रिपोर्ट नहीं मिली। हम गांधी जी के मार्ग पर हैं – अहिंसा, सत्य और सत्याग्रह के साथ। मीडिया, समाज, राजनीति और जनता से अपील है – इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं। हल्ला बोल! सत्य की जय! जीत हमारी होगी!”मुलाकात करने बाले किसान दिनेश कुमार ओम कार सिंह (पूर्व महानगर अध्यक्ष कांग्रेस)रमेश चंद्र श्रीवास्तव उल्फत सिंह कठेरिया ज़ाहिद अली डा सरताज हुसैन नूरी जसवीर यादव हरीश पटेल राज पाल सिंह खान बहादुर अभिलाष गुप्ता प्रदीप गुप्ता विपिन कुमार विनीत कुमार विपिन महेश्वरी आदि उपस्थित रहे।




