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बैंकिंग समस्याओं और रिकवरी एजेंटों की मनमानी के खिलाफ जनता सरकार मोर्चा की बैठक, लोगों को बताए संवैधानिक अधिकार

बैंकिंग समस्याओं और रिकवरी एजेंटों की मनमानी के खिलाफ जनता सरकार मोर्चा की बैठक, लोगों को बताए संवैधानिक अधिकार

बदायूं। उसैहत क्षेत्र के गांव बिरिया डांडा में बैंकिंग सेवाओं से संबंधित समस्याओं और फाइनेंस कंपनियों की कथित मनमानी के खिलाफ शुक्रवार को जनता सरकार मोर्चा द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में क्षेत्र के लोगों ने बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं, खाताधारकों के साथ होने वाले मानसिक एवं शारीरिक उत्पीड़न तथा रिकवरी एजेंटों की कार्यप्रणाली को लेकर चिंता व्यक्त की।

 

बैठक को संबोधित करते हुए मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि कई मामलों में एक-दो किस्तें बकाया होने पर ही बैंक और फाइनेंस कंपनियां रिकवरी एजेंटों के माध्यम से वाहन और अन्य संपत्तियों को जब्त करने का दबाव बनाती हैं, जिससे आम लोग आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकों को अपने संवैधानिक और उपभोक्ता अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में कानूनी तरीके से अपनी आवाज उठानी चाहिए।

 

मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय पाल उर्फ छोटे भैया ने कहा कि बैंकिंग व्यवस्था में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में रिकवरी एजेंटों की मनमानी से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से ऐसे मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

 

बैठक में मोर्चा के सदस्य शेर अली, राजीव मंगवार, जाहिद, वीर अली शाह, राजीव गंगवार और नाहिद अंसारी ने लोगों को बैंकिंग शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैंकिंग समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों और विभागों से संपर्क कर शिकायतों का प्रभावी ढंग से निस्तारण कराया जा सकता है।

 

इस दौरान अवनेश, जगतभान, राजाराम सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने बैंकिंग सेवाओं में सुधार, उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और समस्याओं के समाधान के लिए संगठित होकर कार्य करने का संकल्प लिया। साथ ही भविष्य में भी जनजागरूकता अभियान चलाने और जरूरत पड़ने पर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने की बात कही गई।

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