
प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत क्षय रोगियों को गोद लेकर वितरित की गई पोषण पोटली

बदायूं। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय विशेष टीबी अभियान के द्वितीय चरण में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास शर्मा की अध्यक्षता में क्षय रोगियों को गोद लेकर पोषण पोटली वितरित करने का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विकास शर्मा ने पांच क्षय रोगियों को गोद लेकर उन्हें पोषण पोटली उपलब्ध कराई। उन्होंने टीबी रोग के लक्षण, जांच, उपचार एवं बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य संबंधी जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी।
डॉ. शर्मा ने बताया कि भारत सरकार द्वारा प्रत्येक टीबी मरीज को डीबीटी के माध्यम से प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। इसके अतिरिक्त टीबी की पुष्टि होने पर 3000 रुपये की अग्रिम किस्त तथा 84 दिन तक नियमित दवा सेवन के बाद 3000 रुपये की दूसरी किस्त भी प्रदान की जाती है।

इस अवसर पर डॉ. मोहन झा (अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी), डॉ. तहसीन (उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी), डॉ. विनेश कुमार (जिला क्षय रोग अधिकारी), संदीप राजपूत (डीपीपीएमसी) तथा सूरजपाल सिंह ने भी एक-एक क्षय रोगी को गोद लेकर पोषण पोटली वितरित की। इसके अलावा पांच अन्य टीबी मरीजों को भी गोद लेकर पोषण पोटली प्रदान की गई।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि साधारण एवं एमडीआर टीबी मरीजों की जांच और उपचार की सुविधाओं में काफी सुधार हुआ है। पहले जीन एक्सपर्ट जांच रिपोर्ट आने में 30 से 45 दिन का समय लगता था, जबकि अब सीबी-नाट एवं ट्रू-नाट मशीनों के माध्यम से मात्र दो घंटे में रिपोर्ट उपलब्ध हो जाती है। इससे एमडीआर टीबी की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार शुरू किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि जनपद में यह सुविधा जिला पुरुष चिकित्सालय, राजकीय मेडिकल कॉलेज सहित सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) एवं ब्लॉक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) पर उपलब्ध है।



