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मेडिकल कॉलेज में विवाद, सिस्टर इंचार्ज ने लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप, पांच सदस्यीय टीम गठित

मेडिकल कॉलेज में विवाद, सिस्टर इंचार्ज ने लगाया मानसिक प्रताड़ना का आरोप, पांच सदस्यीय टीम गठित

बदायूं। राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक और आपसी तालमेल का एक गंभीर विवाद खड़ा हो गया है। मेडिकल कॉलेज के ईएनटी वार्ड की सिस्टर इंचार्ज पूनम त्रिवेदी ने कॉलेज प्रशासन को शिकायती पत्र सौंपकर अपनी ही अधीनस्थ नर्सिंग अधिकारी अजीमा खानम और क्लर्क पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और गंभीर धमकियां देने के आरोप लगाए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. शिवकुमार ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच कमेटी का गठन कर दिया है।

 

काम न करने का विरोध करने पर मिल रही धमकियां: सिस्टर इंचार्ज

ईएनटी वार्ड की सिस्टर इंचार्ज पूनम त्रिवेदी द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के अनुसार, वार्ड में तैनात नर्सिंग अधिकारी अजीमा खानम पिछले एक साल से अपनी ड्यूटी सही तरीके से नहीं कर रही हैं। वे अक्सर बिना किसी पूर्व लिखित सूचना के अनुपस्थित हो जाती हैं, जिससे मरीजों के इलाज पर बुरा असर पड़ता है।शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उन्होंने इस लापरवाही का विरोध किया, तो कॉलेज के ही एक क्लर्क ने उन पर अजीमा खानम की गैर-हाजिरी और छुट्टियों को जबरन मैनेज करने का दबाव बनाया। बात न मानने पर उन्हें स्थानीय होने की धौंस दी गई, सांप्रदायिक टिप्पणियां की गईं और जान से मारने व नौकरी छुड़वाने की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से अपनी सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा है कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उक्त दोनों कर्मचारियों की होगी।

 

प्रशासन हुआ सख्त, नर्सिंग ऑफिसर को थमाया कारण बताओ नोटिस

शिकायत और आंतरिक रिपोर्ट के बाद हरकत में आए राजकीय मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने नर्सिंग अधिकारी अजीमा खानम को आधिकारिक पत्र जारी किया है। पत्र के माध्यम से प्रशासन ने उनसे पूछा है कि उनके द्वारा अवकाश के लिए दिए गए प्रार्थना पत्र नियमों के विरुद्ध क्यों थे?प्रशासन के नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि अजीमा खानम ने उचित माध्यम से अपना प्रार्थना पत्र प्रस्तुत नहीं किया। उनके आवेदन पर न तो संबंधित सिस्टर इंचार्ज के हस्ताक्षर थे और न ही विभागाध्यक्ष मुख्य चिकित्सा अधीक्षक की संस्तुति थी। प्रशासन ने इसे विभागीय नियमों और प्रशासनिक व्यवस्था के सर्वथा विपरीत मानते हुए घोर अनुशासनहीनता माना है और 03 कार्य दिवसों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

सिस्टर इंचार्ज की शिकायत और प्रशासनिक नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए इस पूरे प्रकरण के संबंध में एक उच्च स्तरीय पांच सदस्यीय जांच कमेटी बना दी गई है। जिसमें डॉ नेहा सिंह, डॉ विपिन कुमार , डॉ मुख्तार हुसैन, डॉ मनीष कुमार, डॉ सुचेता सिंह को जांच कमेटी में शामिल किया गया है।

 

रिपोर्ट आने पर होगी सख्त कार्रवाई: प्रधानाचार्य डॉ शिवकुमार

राजकीय मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ शिवकुमार ने बताया कि इस संबंध में जांच कमेटी बनाई गई है रिपोर्ट आने पर कार्रवाई की जाए।

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