बिजली बिलों पर 10% ईंधन अधिभार के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन, सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

बिजली बिलों पर 10% ईंधन अधिभार के विरोध में व्यापारियों का प्रदर्शन, सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा

बदायूं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय आह्वान पर व्यापारियों ने बिजली बिलों पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू के नेतृत्व में व्यापारियों ने उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग के चेयरमैन, लखनऊ के नाम संबोधित सात सूत्रीय ज्ञापन अधीक्षण अभियंता विद्युत विभाग अजय कुमार को सौंपा। इस दौरान व्यापारियों ने स्थानीय विद्युत समस्याओं से भी अधिकारियों को अवगत कराया।
जिलाध्यक्ष नवनीत गुप्ता शोंटू ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद द्वारा जून माह से बिजली बिलों पर 10 प्रतिशत ईंधन अधिभार लगाए जाने की घोषणा की गई है। उनका आरोप है कि यह निर्णय राज्य विद्युत नियामक आयोग की पूर्व अनुमति के बिना लिया गया है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के ऊर्जा मंत्री को भी इस प्रस्तावित बढ़ोतरी की जानकारी नहीं थी, जिससे स्पष्ट होता है कि संबंधित अधिकारी मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं। व्यापार मंडल इस निर्णय का पुरजोर विरोध करता है।
जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा ने कहा कि औद्योगिक और घरेलू उपभोक्ताओं से पहले ही फिक्स चार्ज वसूला जा रहा है। वहीं वाणिज्यिक श्रेणी (एलएमवी-2) के उपभोक्ताओं से फिक्स चार्ज के साथ-साथ मिनिमम चार्ज भी लिया जाता है। ऐसे में अतिरिक्त ईंधन अधिभार लगाने का कोई औचित्य नहीं है।
जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष नरेश शंखधार ने कहा कि घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक बिजली बिलों में पहले से ही 7.5 प्रतिशत विद्युत शुल्क (इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी) लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्युत नियामक आयोग प्रत्येक वर्ष उत्पादन लागत और खर्चों की समीक्षा करने के बाद सार्वजनिक सुनवाई के माध्यम से बिजली दरों का निर्धारण करता है। इसलिए बीच वित्तीय सत्र में बिजली दरों में वृद्धि करना अनुचित और उपभोक्ताओं के हितों के विपरीत है।
व्यापारी नेता संजीव आहूजा ने कहा कि इस प्रकार की अचानक की गई बढ़ोतरी एक गलत परंपरा की शुरुआत होगी, जिसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा और आम जनता को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।
अमित वैश्य ने कहा कि बिजली दरों में बढ़ोतरी से प्रदेश का उद्योग और व्यापार प्रभावित होगा। उत्पादन लागत बढ़ने से छोटे और मध्यम उद्योगों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो सकता है।
सुरेंद्र कुमार ने आयोग से मांग करते हुए कहा कि ईंधन अधिभार के नाम पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत बढ़ोतरी को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने के लिए आवश्यक आदेश जारी किए जाएं।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला महामंत्री हाजी राशिद सैफी, संजीव आहूजा, जिला उपाध्यक्ष रूपेंद्र सिंह लाम्बा, नरेश शंखधार, नगर अध्यक्ष राजेश गुप्ता, नगर उपाध्यक्ष गुड्डू सिसोदिया, सुरेंद्र नानक, नगर मंत्री दीपक गुप्ता, कुलदीप वैश्य, राजेश कुमार, राजकुमार यादव सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।




