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विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस पर बदायूं में भावपूर्ण कार्यक्रम, त्रासदी में उजड़े परिवारों को किया याद

विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस पर बदायूं में भावपूर्ण कार्यक्रम, त्रासदी में उजड़े परिवारों को किया याद

बदायूं। विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर शुक्रवार को बदायूं क्लब में भावपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लाखों लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनकी पीड़ा, संघर्ष और बलिदान को याद किया गया। इस दौरान विभाजन की विभीषिका पर आधारित प्रदर्शनी, जिला संगोष्ठी, विभाजन से प्रभावित नागरिकों एवं उनके परिवारजनों का सम्मान तथा मौन जुलूस निकाला गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने विभाजन की विभीषिका पर आधारित प्रदर्शनी के उद्घाटन के साथ किया। प्रदर्शनी में विभाजन के दौरान हुए विस्थापन, संघर्ष, पीड़ा और असंख्य लोगों के बलिदान से जुड़े विभिन्न पहलुओं को प्रदर्शित किया गया। उपस्थित लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर उस दौर की भयावह त्रासदी को करीब से समझा।

 

केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने कहा कि विभाजन की त्रासदी झेलने वालों की पीड़ा और बलिदान को देश कभी नहीं भूल सकता। विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस उन सभी पुण्यात्माओं के बलिदान और पीड़ा को स्मरण करने का अवसर है, जिन्होंने विभाजन की त्रासदी झेली। उन्होंने कहा कि इतिहास को याद रखना भावी पीढ़ियों को उसकी सच्चाई से जोड़ने का माध्यम है। राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अतीत से सीख लेकर मजबूत और एकजुट भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना होगा।

 

पूर्व जिलाध्यक्ष बरेली पवन शर्मा ने कहा कि विभाजन की त्रासदी को केवल इतिहास की एक घटना मानकर भुलाया नहीं जाना चाहिए। उस दौर में लाखों परिवारों ने अपना घर, संपत्ति और अपनों को खोकर असहनीय पीड़ा झेली। स्मृति दिवस का उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास की सच्चाई को याद रखते हुए नई पीढ़ी को राष्ट्रीय एकता और अखंडता का महत्व समझाना है।

 

भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता ने कहा कि विभाजन की विभीषिका ने देश और समाज को गहरी पीड़ा दी। यह दिवस बलिदानियों और पीड़ित परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर है। सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और राष्ट्रीय एकता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। हमें देश की एकता और अखंडता को सदैव सर्वोपरि रखने का संकल्प लेना चाहिए।

 

सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता ने कहा कि विभाजन के समय देशवासियों ने जिस पीड़ा और संघर्ष का सामना किया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। युवा पीढ़ी को इतिहास की इन घटनाओं से अवगत कराना जरूरी है, ताकि वह स्वतंत्रता, एकता और अखंडता के महत्व को समझ सके।

 

विभाजन से प्रभावित परिवारों का सम्मान

 

कार्यक्रम के दौरान विभाजन की विभीषिका से प्रभावित नागरिकों एवं उनके परिवारजनों वीरेंद्र डिंगड़ा, अशोक खुराना, डीके चड्डा, हरशरण कपूर, जगदीश लाल ग्रोवर, सुरेंद्र दुआ, इंद्रा अरोड़ा, सुमन कपूर, कृष्ण लाल, नरेश, निर्मल वत्रा, सतेंद्र दुआ, हरनाम दास डिंगड़ा, ओमप्रकाश डिंगड़ा, नन्द किशोर लोगानी और नारायण दास डिंगड़ा का सम्मान किया गया। इस दौरान उनके अनुभवों और संघर्षों को सम्मानपूर्वक सुना गया तथा उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की गई।

 

बदायूं क्लब से परशुराम चौक तक निकला मौन जुलूस

 

कार्यक्रम के अंत में विभाजन की त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों की स्मृति में बदायूं क्लब से परशुराम चौक तक मौन जुलूस निकाला गया। जुलूस में केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष बरेली पवन शर्मा, जिलाध्यक्ष राजीव कुमार गुप्ता, सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता, पूर्व विधायक धर्मेंद्र शाक्य, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम यादव, मधु चंद्रा, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक भारतीय, पूर्व चेयरमैन दीपमाला गोयल सहित भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में नागरिक शामिल हुए। सभी ने मौन रखकर विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

 

कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री शैलेन्द्र मोहन शर्मा ने किया। इस अवसर पर डॉ. अक्षत अशेष, प्रदीप गुप्ता, दुष्यंत रघुवंशी, जोगेंद्र सिंह पटेल, नेकपाल कश्यप, दुर्गेश वार्ष्णेय, अमित पाठक, आशीष शाक्य, अनिल सिंह, अजय तोमर, आरती कश्यप, अमिता उपाध्याय, रचना शंखधार, शिवम सिंह, जितेंद्र सोनकर, अमित कुमार सिंह, अचल शर्मा, धीरज पटेल, बंटू पाठक, गुलशन प्रताप सिंह, गोपाल शर्मा, रचित साहू, अनुभव उपाध्याय समेत पार्टी कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।

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