
स्कूली वाहनों पर परिवहन विभाग का शिकंजा, 25 अगस्त तक चलेगा ‘मिशन सेफ फ्यूचर’

बदायूं में अनफिट वाहनों की रेड लिस्ट तैयार, बाबा इंटरनेशनल के 10 और ब्लूमिंग डेल के 5 वाहन मिले अनफिट

बदायूं। बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने अब स्कूली वाहनों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर जनपद में ‘मिशन सेफ फ्यूचर’ अभियान शुरू किया गया है। 11 से 25 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान में जिले के सभी स्कूली वाहनों की शत-प्रतिशत फिटनेस, वैध परमिट और सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी। बिना फिटनेस और परमिट के संचालित वाहनों पर कार्रवाई के साथ जरूरत पड़ने पर उनका संचालन भी प्रतिबंधित किया जाएगा।
अभियान के पहले दिन मंगलवार को अपर जिलाधिकारी प्रशासन की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी हरिओम ने स्कूली वाहनों की स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नोटिस दिए जाने के बावजूद जिन विद्यालयों ने अभी तक अपने वाहनों की फिटनेस नहीं कराई है, ऐसे वाहनों की रेड लिस्ट तैयार की गई है।
बाबा इंटरनेशनल के सबसे ज्यादा वाहन अनफिट
परिवहन विभाग की रेड लिस्ट में बाबा इंटरनेशनल स्कूल के 10 वाहन अनफिट पाए गए हैं। वहीं ब्लूमिंग डेल स्कूल के 5 और टीटी कॉन्वेंट स्कूल के 4 वाहन फिटनेस में खरे नहीं उतर सके हैं।
इसके अलावा अला हाफिज एजुकेशन एकेडमी, एपीएस इंटरनेशनल स्कूल, फ्लोरेंस नाइटेंगल, ज्वाला प्रसाद जैन बाल निकेतन, नेशनल पब्लिक स्कूल और आरवी इंटर कॉलेज के भी दो-दो अथवा तीन-तीन वाहन अनफिट पाए गए हैं। विभाग ने संबंधित विद्यालयों को वाहनों की फिटनेस तत्काल कराने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित समय में फिटनेस नहीं कराने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन सुरक्षा उपकरणों के बिना नहीं दौड़ेंगे स्कूली वाहन
अभियान के दौरान वाहनों में फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशामक यंत्र, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, सीट बेल्ट, इमरजेंसी एग्जिट, रेड/येलो लाइट और रिफ्लेक्टर टेप समेत अन्य निर्धारित सुरक्षा मानकों की जांच की जाएगी।
इसके साथ ही वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, टैक्स और चालक का ड्राइविंग लाइसेंस भी जांचा जाएगा।
पुलिस और शिक्षा विभाग के साथ चलेगा संयुक्त अभियान
परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम पुलिस और शिक्षा विभाग के सहयोग से संयुक्त अभियान चलाएगी। बिना वैध परमिट, बिना फिटनेस अथवा सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वाहनों का संचालन मानक पूरे होने तक प्रतिबंधित किया जा सकता है।
परिवहन विभाग ने विद्यालय प्रबंधन और वाहन स्वामियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी स्तर पर समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। किसी अनफिट या नियम विरुद्ध संचालित वाहन से दुर्घटना होने पर संबंधित विद्यालय प्रबंधन और वाहन स्वामी की जिम्मेदारी तय की जाएगी तथा विधिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग का स्पष्ट संदेश है—बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
‘मिशन सेफ फ्यूचर’ का मकसद साफ—सुरक्षित स्कूली वाहन, सुरक्षित बच्चे और सुरक्षित भविष्य।




