सिस्टम की लापरवाही: दो दिन में तीन गोवंश की मौत, व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

बिल्सी, बदायूं। नगर क्षेत्र में पिछले दो दिनों के भीतर तीन गोवंश की मौत होने से पशु संरक्षण व्यवस्थाओं और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों और गोरक्षकों का आरोप है कि समय पर उपचार एवं राहत न मिलने के कारण गोवंशों की जान नहीं बचाई जा सकी।
जानकारी के अनुसार पहली घटना बदायूं स्टैंड क्षेत्र की है, जहां एक तेज रफ्तार एम्बुलेंस की टक्कर से एक गाय की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर गोरक्षक पवन श्रीवास्तव ने अन्य साथियों को अवगत कराया। मौके पर पहुंची टीम ने चिकित्सकीय परीक्षण के बाद मृत गाय को जेसीबी की सहायता से ससम्मान दफनाया। इस दौरान आर.के. आर्य, टिंकू गुप्ता, कृष्णा वार्ष्णेय, ऋषभ यादव, अमन वार्ष्णेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
दूसरी घटना में एक गाय नाले में गिर गई थी। स्थानीय लोगों ने उसे बाहर निकाल लिया, लेकिन उपचार में देरी होने के कारण उसकी मृत्यु हो गई। वहीं तीसरी घटना में लंबे समय से बीमार चल रहे एक गोवंश ने दम तोड़ दिया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि घटनाओं के दौरान पशु चिकित्सक से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। पशु हेल्पलाइन नंबर 1962 पर भी कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, परंतु सहायता नहीं मिल सकी। नगर पालिका प्रशासन को सूचना देने के बावजूद काफी देर तक कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची।
इन घटनाओं के बाद नगर में संचालित गोशालाओं की व्यवस्था पर भी प्रश्न उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब गोशालाओं के संचालन और गोवंश संरक्षण के लिए सरकारी स्तर पर पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जा रहा है, तब भी बड़ी संख्या में गोवंश सड़कों पर घूमने को मजबूर हैं। इससे न केवल पशुओं की जान खतरे में पड़ रही है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई तथा गोवंश संरक्षण के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।


