
एक दर्जन अवैध पैथोलॉजी लैब को नोटिस, सीएमओ ने साधी चुप्पी

बदायूं। कुंवरगांव स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते क्षेत्र में अवैध और मानकविहीन पैथोलॉजी लैब का धंधा धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कस्बे और आसपास के इलाकों में संचालित हो रहीं एक दर्जन से अधिक पैथोलॉजी लैब संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। हालांकि, इस बड़ी लापरवाही और कार्रवाई को लेकर जब मुख्य चिकित्सा अधिकारी से बात की गई, तो वह कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे सके।
बिना पंजीकरण और तकनीशियनों के चल रहे केंद्र
स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया था। जांच में सामने आया कि कस्बा सहित ग्रामीण इलाकों में 12 से अधिक पैथोलॉजी केंद्र बिना किसी वैध पंजीकरण के चलाए जा रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन केंद्रों पर कोई योग्य पैथोलॉजिस्ट या प्रशिक्षित तकनीशियन मौजूद नहीं है। अप्रशिक्षित युवक मरीजों के खून और अन्य महत्वपूर्ण जांचें कर रहे हैं जो मरीजों को घातक है।
मरीजों की जान से खिलवाड़, गलत रिपोर्ट का खतरा
क्षेत्रीय ग्रामीणों का आरोप है कि इन अवैध लैबों द्वारा दी जाने वाली गलत रिपोर्ट के आधार पर ही स्थानीय झोलाछाप और डॉक्टर मरीजों का इलाज शुरू कर देते हैं। इससे मरीजों की जान हमेशा जोखिम में बनी रहती है। कई बार गलत रिपोर्ट के कारण मरीजों की हालत बिगड़ने के मामले भी सामने आ चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद इन पर कोई सख्त प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई।
सवालों के घेरे में स्वास्थ्य विभाग
कस्बे में लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार पर स्वास्थ्य विभाग ने अब जाकर महज नोटिस देने की औपचारिकता निभाई है। नोटिस जारी होने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इस ढुलमुल व्यवस्था और अब तक कार्रवाई न होने की वजह पूछी, तो वह बगलें झांकते नजर आए। सीएमओ इस मामले में कोई भी संतोषजनक या स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए, जिससे विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय जनता ने इन अवैध लैबों को तत्काल सील करने और संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।




