
सपा नेता शिवपाल-आजम मुलाकात से रामपुर की सियासत गरमाई, साथ रहे आबिद रजा

रामपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के रामपुर दौरे ने जिले की सियासत को नई चर्चा दे दी है। शिवपाल सिंह यादव ने जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां से करीब एक घंटे तक मुलाकात की। इस दौरान पूर्व मंत्री आबिद रजा भी उनके साथ मौजूद रहे। शिवपाल और आजम खां की मुलाकात को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
शिवपाल सिंह यादव ने पूर्वाह्न करीब 11 बजे रामपुर पहुंचकर जेल में आजम खां से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुलाकात के बाद शिवपाल सिंह यादव आजम खां के आवास पहुंचे, जहां उन्होंने उनकी पत्नी एवं पूर्व सांसद तंजीम फात्मा से मुलाकात की। इस दौरान पूर्व मंत्री आबिद रजा भी उनके साथ रहे। तंजीम फात्मा और शिवपाल सिंह यादव के बीच भी राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
इसके बाद तंजीम फात्मा के आग्रह पर शिवपाल सिंह यादव समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद किया और उनका उत्साह बढ़ाते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर समाजवादी पार्टी को मजबूत करने और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के लक्ष्य के साथ काम करने की अपील की।
रामपुर दौरे में आबिद रजा की लगातार मौजूदगी भी राजनीतिक चर्चा का विषय बनी रही। जेल में आजम खां से मुलाकात से लेकर उनके आवास और आगे के कार्यक्रमों में आबिद रजा का शिवपाल सिंह यादव के साथ रहना सियासी नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रामपुर की राजनीति में आबिद रजा की सक्रियता और शिवपाल यादव के साथ उनकी मौजूदगी को भी आगामी चुनावी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
सपा कार्यालय के कार्यक्रम के बाद शिवपाल सिंह यादव जौहर यूनिवर्सिटी पहुंचे। यहां उन्होंने विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर और प्रोफेसरों के साथ बैठक की तथा उनका उत्साहवर्धन किया। इसके बाद उन्होंने विश्वविद्यालय के ऑडिटोरियम में छात्रों को संबोधित किया।
शिवपाल सिंह यादव और आजम खां की मुलाकात के साथ ही तंजीम फात्मा से बातचीत, सपा कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर चुनावी तैयारियों का संदेश और पूरे दौरे में पूर्व मंत्री आबिद रजा की मौजूदगी ने रामपुर की सियासत में चर्चाओं को हवा दे दी है। राजनीतिक विश्लेषक इस पूरे घटनाक्रम को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों और सपा के संभावित राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।



