विधायक निधि में बजट से अधिक स्वीकृतियों पर उठे सवाल, डीआरडीए की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज

विधायक निधि में बजट से अधिक स्वीकृतियों पर उठे सवाल, डीआरडीए की कार्यप्रणाली पर चर्चा तेज

बदायूं। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) में विधायक क्षेत्र विकास निधि के कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उपलब्ध सरकारी अभिलेखों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024-25 में शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र के लिए विधायक निधि के तहत 7 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था, जबकि सरकारी पोर्टल पर लगभग 8.55 करोड़ रुपये के कार्यों की वित्तीय स्वीकृतियां दर्ज दिखाई दे रही हैं। इससे बजट से करीब 1.55 करोड़ रुपये अधिक की स्वीकृतियों को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।
जानकारों का कहना है कि यदि पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़े सही हैं, तो यह वित्तीय प्रबंधन और स्वीकृति प्रक्रिया की गंभीर जांच का विषय हो सकता है। मामले को लेकर पारदर्शिता और नियमों के पालन पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
एक अधिकारी पर कई विधानसभा क्षेत्रों का जिम्मा
सूत्रों के अनुसार, डीआरडीए में विधायक निधि से संबंधित कई विधानसभा क्षेत्रों का कार्यभार एक ही अधिकारी के पास होने से कार्यों की निगरानी और पारदर्शिता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अत्यधिक केंद्रीकरण के कारण वित्तीय स्वीकृतियों और कार्यों के संचालन में अनियमितताओं की संभावना बढ़ जाती है।
निष्पक्ष जांच की उठी मांग
मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र के लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उच्चाधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि बजट से अधिक की वित्तीय स्वीकृतियां वास्तव में जारी हुई हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग या अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी शेष है।



