धर्मबदायूं

यौमे आशूरा पर निकला कदीमी जुलूस-ए-हुसैनी, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा बदायूं

यौमे आशूरा पर निकला कदीमी जुलूस-ए-हुसैनी, ‘या हुसैन’ की सदाओं से गूंजा बदायूं

बदायूं। यौमे आशूरा के अवसर पर शुक्रवार को शिया समुदाय का कदीमी जुलूस-ए-हुसैनी शिया तंजीमुल मोमिनीन कमेटी बदायूं एवं अंजुमन जुल्फ़ेकारे हैदरी (रजि.) की सरपरस्ती में कादरी गेट, चक्कर की सड़क से शुरू होकर शिया मस्जिद काजी हौज पर संपन्न हुआ।

जुलूस में अपने-अपने ताजिया स्थलों से 12 ताजियादारों ने अलम और ताजियों के साथ भाग लिया। जुलूस में अनवर आलम, मोहसिन जैदी, नबी हैदर, अनफ रिजवान, जाबिर जैदी, शुजा, नवेद, डॉ. आब्दी, जावेद अब्बास, हसन आरजू तथा गुलाम अब्बास सहित बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग शामिल हुए। श्रद्धालु नौहाख्वानी और मातम करते हुए “या हुसैन, या हुसैन” की सदाओं के साथ आगे बढ़ते रहे। जगह-जगह पानी और शरबत की सबीलें लगाई गईं। महिलाओं और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक जुलूस में भाग लिया।

 

जुलूस के आरंभ में मौलाना सैफ अली जैदी एवं शिया तंजीमुल मोमिनीन कमेटी के अध्यक्ष अनवर आलम ने तकरीर करते हुए कर्बला की घटना और इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत पर प्रकाश डाला। इसके बाद शाने हसन, मुरतजा जैदी और कम्बर रजा ने क़ताआत पेश किए। जुलूस का संचालन डॉ. एस. जी. अब्बास ने किया।

 

मार्ग में विभिन्न स्थानों पर रुककर नौहाख्वानी की गई, जिसमें अहसान रजा, आमिर अब्बास आब्दी, कैफी जैदी, कमर अब्बास, जुनैद अब्बास, मिनहाल जैदी और रजा जैदी ने नौहे पेश किए।

 

काजी हौज पहुंचने पर ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया तथा फातिहाख्वानी अदा की गई। जुलूस के शांतिपूर्ण समापन के बाद अंजुमन जुल्फ़ेकारे हैदरी (रजि.) के अध्यक्ष मोहसिन अब्बास जैदी एवं शिया तंजीमुल मोमिनीन कमेटी के सचिव जाबिर जैदी ने प्रशासन एवं पुलिस का सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

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