
मक्का खरीद केंद्र न खुलने से भड़के किसान, भाकियू ने जिला विपणन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

बदायूं। सरकारी मक्का खरीद केंद्र न खुलने से नाराज भारतीय किसान यूनियन टिकैत के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मालवीय आवास गृह पर एक पंचायत का आयोजन किया। इसके बाद पदाधिकारियों ने जिला विपणन रसद अधिकारी से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द खरीद शुरू कराने की मांग की।
70 फीसदी मक्का औने-पौने दाम पर बिकी
पंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिले में सिर्फ 7 मक्का खरीद केंद्रों की अनुमति दी गई है, लेकिन अभी तक एक भी केंद्र चालू नहीं हुआ है। इसके चलते किसान अपनी उपज को प्राइवेट मंडियों में औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हैं। जिले के करीब 70 प्रतिशत किसान अब तक अपनी मक्का की फसल मजबूरी में बेचकर लुट चुके हैं।
राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि सरकार ने जिले के लिए सिर्फ 20 हजार क्विंटल मक्का खरीद का लक्ष्य रखा है, जो किसानों की कुल पैदावार के सामने ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद ही नहीं कर पा रही, तो किसानों को लाभकारी मूल्य देने का ढिंढोरा क्यों पीटा जा रहा है? यह किसानों के साथ एक भद्दा मजाक है।
लक्ष्य को बताया ऊंट के मुंह में जीरा
शनिवार तक केंद्र चालू न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
सदर तहसील अध्यक्ष ठाकुर अर्जुन सिंह ने कहा कि सरकार का रवैया किसानों के प्रति बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्होंने बताया कि आज संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने जिला विपणन अधिकारी से मुलाकात की है। अधिकारी ने शनिवार तक जिले में मक्का खरीद केंद्र सक्रिय करने का आश्वासन दिया है। पदाधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर तय समय पर खरीद शुरू नहीं हुई, तो यूनियन एक बड़ा और उग्र आंदोलन शुरू करने को बाध्य होगी।इस मौके पर ब्लॉक सलारपुर अध्यक्ष पप्पू सैफी, बृजपाल प्रजापति, तिलक, चंदन कश्यप, बादाम सिंह, दानवीर सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।



