छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में गरजे भाकियू नेता ,तानाशाही चला रही है मोदी सरकार

छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में गरजे भाकियू नेता ,तानाशाही चला रही है मोदी सरकार

बदायूं। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के मंडल प्रवक्ता राजेश कुमार सक्सेना ने केंद्र सरकार के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने कहा दिल्ली जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर इस घटना की घोर निंदा करते हुए मोदी सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाया है।
लोकतांत्रिक प्रणाली खत्म, हिटलरशाही हावी
भाकियू नेता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। आज देश में जनतांत्रिक पद्धति को कुचलकर पूरी तरह तानाशाही और हिटलरशाही के दम पर राज चलाया जा रहा है। शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज उठा रहे निहत्थे छात्रों पर लाठीचार्ज कराना सरकार के कायरतापूर्ण रवैये और हताशा को साफ दर्शाता है।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग
उन्होंने कहा कि छात्र भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की जायज मांग कर रहे थे। अपने हक और अधिकारों की मांग करना हर नागरिक का मौलिक व संवैधानिक अधिकार है। छात्र बेहद शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी बात रख रहे थे, लेकिन अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए सरकार ने बर्बरता का रास्ता चुना।
किसानों के बच्चे भी चाहते हैं अच्छी शिक्षा
राजेश कुमार सक्सेना ने किसानों का पक्ष रखते हुए कहा, “इन छात्रों में किसानों के बच्चे भी शामिल हैं जो मेहनत कर शिक्षा ग्रहण करना चाहते हैं। किसानों के बच्चे अगर शिक्षा और अपने भविष्य की सुरक्षा मांग रहे हैं, तो यह क्या आपराधिक काम है।” उन्होंने चेतावनी दी कि किसानों के बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार का यह दमनकारी कदम उसे बैकफुट पर लाकर ही दम लेगा।




