
बिजली विभाग की लापरवाही से झुलसा जामुन का हरा पेड़, बड़े हादसे की आशंका

खंभे की जगह पेड़ पर इंसुलेटर लगाकर खींची बिजली लाइन, जेई पर लापरवाही का आरोप
कुंवरगांव। बिजली विभाग की कथित लापरवाही का एक गंभीर मामला कुंवरगांव बिजली उपकेंद्र क्षेत्र में सामने आया है। आंवला-बदायूं मार्ग पर स्थित बिजली उपकेंद्र से लगभग 500 मीटर की दूरी पर सड़क किनारे खड़े एक हरे-भरे जामुन के पेड़ पर इंसुलेटर लगाकर बिजली लाइन खींच दी गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विभाग की इस लापरवाही के चलते पेड़ की कई शाखाएं झुलस गई हैं और अब पूरा वृक्ष नष्ट होने की कगार पर पहुंच गया है।
ग्रामीणों के अनुसार यह जामुन का पेड़ वर्षों पुराना और फलदार है। गर्मी के मौसम में राहगीर तथा आसपास के ग्रामीण इसके फल का आनंद लेते थे। लेकिन बिजली लाइन और उपकरणों के कारण होने वाली स्पार्किंग से पेड़ को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। पेड़ की पत्तियां सूख रही हैं और कई शाखाएं जलकर काली पड़ चुकी हैं।
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते बिजली लाइन को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित नहीं किया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उनका कहना है कि स्पार्किंग के दौरान पेड़ में करंट उतर आता है, जिससे राहगीरों, पशुओं और आसपास रहने वाले लोगों की जान को खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने क्षेत्र के जूनियर इंजीनियर (जेई) पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया। लोगों का आरोप है कि विभागीय उदासीनता के कारण न केवल एक हरा-भरा पेड़ बर्बाद हो रहा है, बल्कि जनसुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है।
क्षेत्रवासियों ने बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने, जामुन के पेड़ को बचाने तथा बिजली लाइन को सुरक्षित तरीके से व्यवस्थित कराने की मांग की है। इस घटना को लेकर लोगों में विभाग की कार्यप्रणाली के प्रति नाराजगी देखी जा रही है।




